बदलापुर (जौनपुर)। क्षेत्र के इनामीपुर गांव में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन बुधवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। अयोध्या से पधारे कथाव्यास अनिलेष शुक्ल महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण की मनमोहक बाल लीलाओं का वर्णन करते हुए श्रोताओं को भक्ति रस में सराबोर कर दिया। कथाव्यास ने कहा कि भगवान अत्यंत दयालु हैं और वे उद्धार के लिए जीव के दुर्गुण नहीं देखते। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि राक्षसी पूतना भगवान को मारने के उद्देश्य से आई थी, लेकिन प्रभु ने उसे स्तनपान कराने के कारण माता के समान गति (मोक्ष) प्रदान की। महाराज ने आघासुर और बकासुर वध के प्रसंग सुनाते हुए कहा कि जब परमात्मा राक्षसों तक का कल्याण कर सकते हैं, तो वे अपने भक्तों पर कृपा अवश्य करेंगे। अनिलेष शुक्ल महाराज ने मानव जीवन की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह शरीर बड़ी मुश्किल से मिलता है और यही मोक्ष का एकमात्र साधन है। इसे व्यर्थ के माया-मोह में फंसकर नहीं गंवाना चाहिए। इस अवसर पर यज्ञाचार्य योगेश राम त्रिपाठी, राम उजागिर तिवारी, डॉ. अनिल तिवारी, डॉ. अनिरुद्ध तिवारी, अभिषेक तिवारी, विवेक और आनंद सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में आयोजक डॉ. सुरेश चंद्र तिवारी ने सभी आगंतुकों के प्रति आभार व्यक्त किया।