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Jaunpur News: सलमान परिवार के साथ 15 वर्षों से कर रहा था पशु तस्करी

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जलालपुर। चंदवक थाना क्षेत्र के सतमेसरा गांव में पुलिस मुठभेड़ में मारा गया पशु तस्कर सलमान पूरे परिवार के साथ 15 साल से तस्करी के धंधे में संलिप्त था। सलमान,उसके भाई सैफ और पिता मुसाफिर के खिलाफ जिले के कई थानों में 15 से अधिक मुकदमे पशु क्रूरता अधिनियम के तहत दर्ज हैं। सलमान का भाई सैफ अभी भी पशु क्रूरता अधिनियम में जिला कारागार में बंद है। जलालपुर थानाध्यक्ष त्रिवेणी सिंह ने बताया कि सलमान पूरे परिवार के साथ पशु तस्करी में संलिप्त था। जलालपुर थाना क्षेत्र के चवरी बाजार में शुक्रवार की रात पुलिस कर्मियों के साथ हुई दुर्घटना में और ओइना नहर में गिरी पशुओं से भरी पिकअप मामले में भी सलमान का नाम शामिल था।
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दुर्गेश 2011 बैच के थे आरक्षी :-
मूल रूप से चंदौली जिले के सकलडीहा थाना क्षेत्र के उकनी गांव के रहने वाले मुख्य आरक्षी दुर्गेश सिंह (36) 2011 बैच के आरक्षी थे। वह कर्तव्यनिष्ठ और मिलनसार व्यक्ति थे। इसके पहले दुर्गेश सिंह गौराबादशाहपुर थाने पर करीब ढाई साल से अधिक दिन तक सीसीटीएनएस विभाग में तैनात थे। वहां से जीआरपी में ट्रांसफर होने के बाद 2024 में दुर्गेश सिंह की पोस्टिंग चंदवक थाने पर हुई थी। इनकी पत्नी प्रियंका सिंह खुज्जी प्राथमिक विद्यालय में शिक्षिका के पद पर तैनात हैं। इनकी 2 वर्षीय व 4 वर्षीय दो बेटियां हैं। देर रात जब पत्नी को इस दुर्घटना के बारे में पता चला तो वह सदमे से बेहोश हो गईं। हालांकि दुर्गेश के पिता ने प्रियंका को मौत की जानकारी न देते हुए उन्हें चंदौली उनके ससुराल भेज दिया। दुर्गेश सिंह के शव को पोस्टमार्टम कराने के बाद पुलिस ने उनके शव को चंदौली पुलिस को सुपुर्द कर दिया। चंदौली पुलिस लाइन में शहीद दुर्गेश को आखिरी सलामी देने के बाद उनके शव को उनके पैतृक आवास उकनी सकलडीहा में उनके परिजनों को सौंप दिया गया। वहां उनके पिता द्वारा उनका अंतिम क्रिया कर्म किया गया।
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