जौनपुर। जिले के माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ा रहे शिक्षकों की जांच के नाम पर 95 विद्यालयों के शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों का वेतन रूक गया है। शिक्षक विगत दो माह से वेतन का इंतजार कर रहे हैं। शिक्षकों के दबाव पर दो दिन पहले कुछ का वेतन जारी कर दिया गया। अभी भी बहुत से शिक्षकों का वेतन नहीं मिला है। इससे उनमें नाराजगी है।
जिले में 150 एडेड माध्यमिक स्कूल चलते हैं। इनमें तैनात 100 से अधिक तदर्थ शिक्षकों का वेतन रोक दिया गया है। इन शिक्षकों का मामला कोर्ट में चल रहा है। वहीं अन्य शिक्षकों का आरोप है कि तदर्थ शिक्षकों की जांच के नाम पर 95 एडेड स्कूलों में पढ़ा रहे शिक्षकों का वेतन रोक दिया गया है। शिक्षकों के दबाव के बाद कुछ स्कूलों का वेतन जारी कर दिया गया। वहीं, शिक्षक संघ का आरोप है कि डीआईओएस कार्यालय में वसूली के लिए वेतन रोका गया है। जिले में कुल 641 माध्यमिक विद्यालयों में से 150 एडेड हैं। शिक्षक संघ के प्रदेश संरक्षक रमेश सिंह का कहना है कि डीआईओएस कार्यालय से जानबूझ कर शिक्षकों का वेतन रोक कर उन्हें परेशान किया जा रहा है। वेतन जारी नहीं करने का कारण भी नहीं बताया जा रहा। जब शिक्षकों ने तगड़ा शोर मचाया तो उन्हें शांत करने के लिए कुछ कॉलेजों का वेतन जारी कर दिया गया। शिक्षकों का वेतन रोका जाना अनुचित है। जांच के नाम पर शिक्षकों का उत्पीड़न किया जा रहा है। शिक्षक संघ इसके खिलाफ जल्द ही आंदोलन करेगा।
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वर्जन
जिले के वित्तपोषित माध्यमिक विद्यालयों का वेतन नहीं रोका गया है। वेतन जारी किया जा रहा है। कुछ स्कूलों का वेतन जारी कर दिया गया है। शेष का भी जारी करने की तैयारी है।
-राकेश कुमार, डीआईओएस, जौनपुर