चंदवक। गोबरा गांव के चर्चित सच्चिदानंद मिश्र हत्याकांड के वांछित आरोपी सूर्यकांत मिश्र उर्फ बिल्लू के खिलाफ पुलिस ने कानूनी शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। न्यायालय के आदेश पर शनिवार को चंदवक पुलिस गोबरा गांव पहुंची और कुर्की की कार्रवाई से पूर्व पूरे क्षेत्र में मुनादी कराई। पुलिस ने गांव में डुगडुगी बजवाकर सार्वजनिक उद्घोषणा की और आरोपी को निर्धारित अवधि के भीतर आत्मसमर्पण करने की कड़ी चेतावनी दी।
पुलिस द्वारा आरोपी की गिरफ्तारी के लिए उसके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी गई, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लग सका। आरोपी के लंबे समय तक फरार रहने के कारण मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने सूर्यकांत मिश्र के विरुद्ध धारा 84 बीएनएसएस (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता) के तहत उद्घोषणा आदेश जारी किया।
न्यायालय के आदेश के अनुपालन में चंदवक पुलिस गोबरा स्थित आरोपी के आवास पर पहुंची। पुलिस ने वहां नोटिस चस्पा करने के साथ ही पूरे गांव में उद्घोषणा कर यह साफ कर दिया कि यदि आरोपी निर्धारित समय सीमा के भीतर अदालत या पुलिस के समक्ष उपस्थित नहीं होता है, तो उसके विरुद्ध कुर्की की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
थानाध्यक्ष अमित कुमार सिंह ने बताया कि न्यायालय के आदेश के तहत आरोपी के गांव और घर पर मुनादी करा दी गई है। यदि वह तय अवधि के भीतर सरेंडर नहीं करता है, तो उसकी चल-अचल संपत्ति को कुर्क कर लिया जाएगा। पुलिस टीमें आरोपी की धरपकड़ के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं।
यह है पूरा मामला-गत 15 मार्च को गोबरा गांव निवासी सच्चिदानंद मिश्र की बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। इस सनसनीखेज हत्याकांड के बाद दर्ज कराई गई प्राथमिकी में विष्णु मिश्र, ताड़कनाथ मिश्र और सूर्यकांत मिश्र समेत कुल नौ लोगों को नामजद किया गया था। घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी विष्णु मिश्र और ताड़कनाथ मिश्र को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, जबकि सूर्यकांत मिश्र वारदात के बाद से ही लगातार फरार चल रहा है।