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कागज पर चलता है नियम, सड़क पर भूसे की तरह ढोये जाते स्कूली बच्चें

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जौनपुर। पहली जुलाई से स्कूल खुल गए। दस दिन से अधिक समय देने के बाद मंगलवार को परिवहन विभाग ने स्कूल वाहनों की जांच अभियान चलाकर की। विभिन्न क्षेत्रों में जांच के दौरान दस से अधिक वाहन ऐसे मिले जो या तो नियम विरुद्ध चल रहे थे अथवा वाहन में निर्धारित क्षमता से ज्यादा बच्चों बैठाया गया था। विभाग ने इन वाहनों का चालान कर सख्त चेतावनी दी कि आज के बाद ये वाहन दोबारा जरूरी नियम का अनुपालन करते नहीं दिखे तो उन्हें सीज किया जाएगा। हालांकि इतनी कार्रवाई के बाद भी कई ऐसे वाहन भी दिखे जो बेपरवाह हो वाहन में बच्चों को भूसे की तरह भरकर फर्राटा भर रहे थे।
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जनपद में सीबीएसई के 90 और आईसीएसई के एक और यूपी बोर्ड से जुड़े 650 स्कूल हैं। इन स्कूलों में कुल 968 बसें पंजीकृत हैं। परिवहन विभाग के नियमों के मुताबिक किसी भी स्कूल में लगने वाली बसों की अवधि अधिकतम 15 साल तय की गई है। इस तरह देखा जाए तो 15 साल की अवधि में चलने वाली 791 बसें हैं, ले किन इनमें 311 बसें ऐसी हैं, जिनकी फिटनेस अभी तक फेल हैं। इतना ही नहीं, 15 साल के ऊपर 177 ऐसी बसें हैं, जिसका पंजीकरण तक निरस्त कर दिया गया है। यानि इस तरह के भी वाहनों से भी बसों का संचालन किया जा रहा है।
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