30 मार्च को मिर्जापुर जिले में सात हिस्ट्रीशीटरों ने सरेंडर किया था। आगे अपराध न करने और सुधरने की कसम खाते हुए सभी बदमाश शहर कोतवाली पहुंचे थे। सभी हिस्ट्रीशीटरों ने हाथ में तख्ती लिया था। जिस पर लिखा था कि अब हम अपराध नहीं करेंगे। अब हमें सुधरने का मौका दिया जाए।