जौनपुर। जिले के 1245 गांवों को स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण फेज-2 ओडीएफ प्लस के तहत आदर्श गांव बनाने के लिए 25 करोड़ रुपये जारी किया गया है। इसके तहत ठोस व तरल अपशिष्ट का प्रबंधन कर गांवों में ही निस्तारण कराया जाएगा। इससे ग्रामीणों को सुविधाएं मिलेंगी, गांव में साफ सफाई भी होगी।
ग्राम पंचायतों को शहर की तरह स्वच्छ व सुंदर बनाने की कवायद की जा रही है। पिछले वित्तीय वर्ष में 1478 राजस्व गांवों को मॉडल गांव के रूप में विकसित किया जा चुका है। अब इस वर्ष में 1245 राजस्व गांवों को मॉडल गांव के रूप में विकसित करने के लिए 25 करोड़ का बजट शासन की ओर से जारी किया गया है। गांवों को खुले में शौच मुक्ति एवं साफ-सफाई को लेकर केंद्र सरकार की ओर से 2014 से मुहिम चलाई जा रही है। जिले में अब तक सात लाख से अधिक एकल शौचालय बनाए गए हैं। इसके अलावा हर गांव में एक-एक सामुदायिक शौचालय बनाया गया है। अब स्वच्छ भारत मिशन के दूसरे चरण में ग्राम पंचायतों को मॉडल बनाने की मुहिम शुरू कर दी गई है।
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चयनित ग्राम पंचायत में ये होंगे काम
कूड़ा संग्रहण एवं पृथकीकरण, नाली, सोख्ता गड्ढा, सेनेटरी इंप्रूवमेंट, सीमेटेंड डस्टबिन, कूड़ा वाहन, कंपोस्ट पिट, सामुदायिक कंपोस्ट पिट, स्वच्छता किट, एकीकृत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, दीवार लेखन समेत आदि कार्य कराए जाएंगे।
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वर्जन
स्वच्छ भारत फेज-2 के तहत ओडीएफ प्लस आदर्श गांव बनाने के लिए इस वर्ष में 1245 गांवों को चयन किया गया है। जिसमें शासन की ओर से 25 करोड़ की धनराशि आवंटित कर दिया गया है। इसके तहत ठोस व तरल अपशिष्ट का प्रबंधन कर गांवों में ही निस्तारण किया जाएगा।
-नत्थू लाल, जिला पंचायत राज अधिकारी