जौनपुर। सावन में हुए रूट डायवर्जन के चलते वाराणसी से जौनपुर की दूरी बढ़ गई है। 67 किलोमीटर की इस दूरी को पूरा कराने में जहां पहले डेढ़ घंटे का समय लगता था, वहीं अब तीन घंटे से अधिक का समय लग रहा है।
वाराणसी रोडवेज से चलकर जौनपुर आने वाली बसों को लहरतारा से फुलवरिया फोरलेन की ओर घुमा दिया जा रहा है। ऐसे में वाराणसी-लखनऊ पहुंचने में बसों को करीब 8-10 किलोमीटर की दूरी अधिक तय करनी पड़ रही है। जबकि रूट डायवर्जन से पहले चार से पांच किलोमीटर की दूरी ही तय करनी पड़ती थी। रोडवेज से फुलवरिया फोरलेन तक पहुंचने में ही जाम के कारण बसों को 40 से 45 मिनट लग जा रहा है। इसके बाद बाबतपुर से आगे आने पर हाइवे को छोड़कर पिंडरा, फूलपुर, त्रिलोचन बाजार होकर बसें गुजर रही हैं। ये सभी रूट घने बाजारों से होकर गुजरते हैं और दो लेन की सड़क होने के कारण इस पर जाम रहता है। ऐसे में यात्रियों को तीन घंटे तक झेलना पड़ रहा है।
किराया भी बढ़ गया
वाराणसी से जौनपुर तक का सामान्य रोडवेज बसों का किराया प्रति व्यक्ति 100 रुपये है। रूट डायवर्जन के कारण बढ़ी दूरी के चलते किराया भी बढ़ाया गया है, जो अब 105 रुपये हो गया है। जनरथ का किराया 155 रुपये है। अब यात्रा का समय और किराया दोनों बढ़ने से यात्रियों को दिक्कत हो रही है।
कोट
कांवड़ियों की भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने रूट डायवर्जन किया है। इसके चलते ही किराया भी बढ़ा है। जल्द ही फिर से पुरानी व्यवस्था बहाल होगी। -ममता दुबे, एआरएम, रोडवेज