जौनपुर। शहर में सीवर लाइन डालने के लिए धीमी गति से चल रहा काम भी बरसात के चलते बंद कर दिया गया है। वहीं, सिपाह-किला रोड को लेकर दर्ज कराए गए मुकदमा का असर दिखने लगा है। नमामि गंगे परियोजना से बन रही इस सड़क को बनाने के लिए युद्धस्तर पर बड़ी गिट्टियां डाली जा रही हैं। हालांकि स्थानीय लोग मानक पर सवाल खड़े कर रहे हैं। साथ ही बारिश होने पर और दिक्कत होने की आशंका जता रहे हैं।
नगरपालिका परिषद जौनपुर में नमामि गंगे की एसटीपी योजनांतर्गत सीवर एवं जलनिगम की अमृत योजना के तहत कार्य चल रहा है। इसमें अमृत योजना से 264 करोड़ में कार्य हो रहा है, जिसे इसी साल पूर्ण करना था लेकिन कार्य की गति को देखते हुए समय सीमा मार्च 2023 कर दी गई। वहीं, नमामि गंगे के तहत 216 करोड़ में काम होना था, जिसे 17 जुलाई को ही पूर्ण कर लिया जाना था, जो अभी तक कार्य अधूरा ही है। बरसात का मौसम होने के कारण और दोनों फर्मों की उदासीनता के चलते नगरवासियों के सामान्य जनजीवन पर प्रतिकूल रूप से प्रभाव पड़ रहा है। दोनों फर्मों ने जगह-जगह सड़क मार्गों पर खोदाई करके सड़क मार्ग का निर्माण कार्य नहीं किया गया है। प्रशासन द्वारा दिए गए इन कार्यों में ही पुन: सड़क निर्माण कार्य करने का बजट शामिल होता है। लेकिन दोनों फर्मों द्वारा नगर क्षेत्र में 61 स्थलों पर सड़कों की खोदाई करके अपना कार्य किया गया है मगर अभी भी सड़कों को सही नहीं किया गया। इससे आसपास रहने वाले तथा आने-जाने वाले लोगों को काफी परेशान होना पड़ रहा है। हालांकि इसकी बार-बार शिकायत जनता और जनप्रतिनिधिगण द्वारा की जाती रही। मगर स्थिति में सुधार नहीं हुआ इधर बारिश शुरू हो गई है। बीते दिनों उच्चाधिकारियों ने नए कार्यों को रोककर तत्काल सड़कों को दुरुस्त करने को कहा गया, किंतु अधिकारियों के इस निर्देश का अगले कुछ दिन तक असर नहीं दिखा और नये कामों को किया जा रहा था। वहीं, बारिश होने के बाद किला से रासमंडल की और जाने वाली सड़क, जज कालोनी की सड़क, आरएन टैगोर स्कूल के पास की सड़क जगह-जगह धंस गई। इससे कई गाडि़यां भी फंस गई, जिसे लेकर लोगों ने सवाल भी उठाना शुरू कर दिया। ऐसे में कार्यदायी संस्थाओं ने नए कार्यों को बंद कर दिया। दूसरी ओर, प्रशासन ने भी सख्ती दिखाई और नगर पालिका ईओ की तहरीर पर नमामि गंगे, एसटीपी के प्रोजेक्ट मैनेजर के खिलाफ कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया है। इसके बाद, जिस किला-सिपाह मार्ग पर एक साल से अधिक समय से काम धीमी गति से हो रहा था, वह रफ्तार पकड़ लिया। शनिवार की सुबह से ही बड़ी गिट्टियों को डालने का काम तेजी से किया जा रहा है।
बारिश के कारण काम बंद कर दिया गया है। हालांकि किला से लेकर सिपाह तक सड़क पर गिट्टी डालकर सही किया जा रहा है। ये कार्य पूरी पारदर्शिता और मानक को ध्यान में रखकर किया जा रहा है। - संजय वर्मन, प्रोजेक्ट मैनेजर नमामि गंगे परियोजना, वाराणसी
बारिश के चलते 90 प्रतिशत काम बंद हो चुका है लेकिन सुविधाओं को देखते हुए जहां कम काम हैं, वो कराए जा रहे हैं। बारिश हुई तो वह भी बंद करना पड़ेगा। - सचिन सिंह, एक्सईएन, जल निगम, निर्माण खंड (नगरीय)