हादसों को रोकने के लिए एक से 30 नवंबर तक यातायात माह में विशेष अभियान चलाया गया। यातायात पुलिस की तरफ से स्कूलों, कॉलेजों और सड़कों पर लोगों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। हेलमेट न लगाने व तेज रफ्तार के कारण आए दिन सड़क हादसों में लोग जान गंवा रहे हैं। नवंबर में जहां 32 लोगों की मौत हुई, वहीं दिसंबर के एक सप्ताह में 18 मौतें हुईं।
जिले में सड़क दुर्घटनाएं कम नहीं हो रही हैं। आंकड़ों पर गौर करे तो सड़क हादसों में मरने वालों की संख्या चौंकाने वाली है। यह हाल तब है, जब जिले में सड़क हादसों को रोकने के लिए प्रतिवर्ष यातायात सुरक्षा अभियान चलाया जा रहा है। जागरूकता पखवाड़ा में स्कूल, कॉलेजों में गोष्ठी, निबंध भाषण आदि प्रतियोगिताओं के जरिये बच्चों को सुरक्षित यात्रा के टिप्स दिए जाते हैं। चौराहों पर शिविर लगाकर वाहन चालकों को जागरूक किया जाता है। अधिकतर हादसों में घटना का मुख्य कारण चालकों की लापरवाही सामने आती है। एक नंवबर से 30 नवंबर तक करीब 60 सड़क हादसों में 32 लोगों की जान गई है, जबकि 45 लोग घायल हुए हैं। वहीं दिसंबर में एक सप्ताह के आंकड़ों पर नजर डालें तो 18 मौतें हुई हैं, जबकि 25 लोग घायल हुए हैं।