जौनपुर। जिला कारागार के पूर्व जेल अधीक्षक एसके पांडेय रिटायरमेंट के दो माह बाद भी आवास से कब्जा नहीं छोड़ रहे हैं। ऐसे में नए जेल अधीक्षक डा. विनय कुमार को एक कमरे में गुजारा करना पड़ रहा है। वह परिवार को भी नहीं ला पा रहे हैं। मामला विभागीय होने के कारण वह इस मुद्दे पर बात करने से कतरा रहे हैं।
जेल अधीक्षक डॉ. विनय कुमार ने एक जुलाई को नए अधिकारी के रूप में कार्यभार ग्रहण किया। पूर्व जेल अधीक्षक 31 जून को सेवानिवृत्त हो गए। दो माह बाद भी वह आवास खाली नहीं कर रहे। शासन की ओर से जेल अधीक्षक के लिए थ्री-बीएचके आवास की सुविधा दी जाती है। नए जेल अधीक्षक को यह सुविधा इस वजह से नहीं मिल पा रही है, क्योंकि पुराने अधिकारी इसे खाली नहीं कर रहे हैं। उनको उस भवन में सिर्फ एक कमरा दिया गया है इसमें जैसे-तैसे दो माह से गुजारा कर रहे हैं। हालांकि जेल अधीक्षक समेत सभी अधिकारियों का भवन जर्जर है, जो खतरे से खाली नहीं। नए जेल के निर्माण के चलते अधिकारियों के इन भवनों के मरम्मत का प्रस्ताव नहीं भेजा जा रहा है।
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मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। अगर ऐसा है तो पूरी तरह गलत है। उनको पत्र लिखकर आवास खाली करने के लिए कहा जाएगा।
- रविंद्र कुमार मांदड़, डीएम, जौनपुर