फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jaunpur News: ठंड के मौसम में श्वांस रोगी रखें ध्यान, बढ़ सकती है परेशानी

विज्ञापन
विज्ञापन
जौनपुर। सर्दी के मौसम में श्वांस और एलर्जी की समस्या बढ़ जाती है। थोड़ी सी लापरवाही बरतने पर लोग बीमार पड़ जाते हैं। ठंड शुरू होते ही जिला अस्पताल में खांसी, सर्दी और श्वांस के मरीज आने शुरू हो गए हैं। प्रतिदिन ओपीडी में 10 से 15 मरीज ऐसे आ रहे हैं। चिकित्सकों के अनुसार, इलाज के लिए आने वाले करीब 30 प्रतिशत मरीज ऐसे हैं जिनको सर्दी, खांसी और श्वांस लेने में परेशानी है।
विज्ञापन

कोहरे के चलते एलर्जी की भी समस्या बढ़ जाती है। इस मौसम में बुजुर्गों व अस्थमा के मरीजों को धूल-मिट्टी से बचने की जरूरत है। यदि किसी तरह की परेशानी होती है तो डॉक्टर को दिखाकर इलाज शुरू कर देना चाहिए। खान-पान ठीक रखने के लिए विशेष ध्यान देना चाहिए। मौसमी फल व सब्जियों का सेवन करना चाहिए। जिससे शरीर का तापमान मौसम के मुताबिक गर्म रहे। इस मौसम में जुकाम-खांसी के विषाणु ज्यादा फैलते हैं। इससे सर्दियों के मौसम में अकसर लोगों को खांसी की समस्या रहती है। ठंडी चीजें जैसे कोल्ड ड्रिंक, आइसक्रीम आदि खाने से तकलीफ में इजाफा हो सकता है।

अस्थमा के यह हैं लक्षण

जौनपुर। सांस लेने में परेशानी होना, दम घुटना, सांस लेते समय आवाज होना, सांस फूलना, छाती में कुछ जमा हुआ या भरा हुआ सा महसूस होना, बहुत खांसने पर चिकना-चिकना कफ आना, मेहनत वाले काम करते समय सांस फूलना आदि अस्थमा के लक्षण होते हैं।
विज्ञापन


श्वांस के रोगी गुनगुना पानी पीएं
जौनपुर। ठंड के मौसम में श्वांस के रोगियों को अपना विशेष ध्यान रखना चाहिए। सर्दी के मौसम में अस्थमा और साइनस के मरीजों को ठंड से बचने के लिए गर्म या ऊनी कपड़े पहनने चाहिए, अस्थमा और साइनस के मरीजों को जितना हो सके धुएं से दूर रहना चाहिए, गुनगुना पानी पीएं, शराब-सिगरेट के सेवन से बचना चाहिए, सुबह धूम निकलने पर घूमने के लिए निकलें, ठंडक से बचाव के लिए कान को बांध कर रखें, ठंडी चीज का सेवन न करें, जरूरत पड़ने पर इनहेलर का उपयोग कर सकते हैं।


मौसम में बदलाव के कारण सर्दी, खांसी और श्वांस की समस्या बढ़ रही है। करीब 30 प्रतिशत ऐसे मरीज आ रहे हैं जिनको श्वांस लेने में परेशानी है या सर्दी, खांसी की समस्या है। इस तरह की समस्या होने पर डाक्टर से सलाह लेकर इलाज शुरू कर देना चाहिए। अभी कोल्ड डायरियां के मरीज नहीं आ रहे हैं।-डा. अशोक यादव, फिजिशियन, जिला अस्पताल जौनपुर
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें