वाराणसी-आजमगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर चंदवक स्थित गोमती नदी पर 23 साल पहले बने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी सेतु के मरम्मत का कार्य इसी महीने शुरू करा दिया जाएगा। एनएचएआई के अधिकारियों ने बताया कि पुल के मरम्मत का कार्य शुरू कराने के लिए तैयारियां की जा रही हैं। पुल टूटने की समस्या को लेकर अमर उजाला ने प्रमुखता से खबर प्रकाशित किया था।
पांच माह पहले जर्जर घोषित करते हुए इस पुल पर भारी वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित कर दिया गया है। ऐसे में आजमगढ़ से वाराणसी जाने वाले वाहन औड़िहार होकर गुजरते हैं। इस स्थिति में यात्रियों को अतिरिक्त किराया और समय दोनों खर्च करना पड़ता है। 20 टन से ज्यादा वजन वाले वाहनों को प्रतिबंधित करने पांच माह बाद भी मरम्मत शुरू न होने और लोगों की समस्याओं की पड़ताल करते हुए अमर उजाला ने तीन जुलाई के अंक में खबर प्रकाशित किया था। पांच जुलाई को भी एक खबर प्रकाशित की गई, जिसमें यात्रियों के जेब पर पड़ने वाले असर को प्रमुखता से उठाया गया। उसे संज्ञान में लेकर एनएचएआई के अधिकारियों ने कहा है कि इसी महीने यानी जुलाई माह में ही काम शुरू करा दिया जाएगा, जिससे लोगों को राहत मिल सके।
पुल से कम हो जाती है 30 किमी की दूरी
चंदवक पुल से सभी तरह के वाहनों का आवागमन शुरू होने से रोडवेज बसों, प्राइवेट बसों सहित अन्य भारी वाहनों का करीब 30 किमी चक्कर कम हो जाएगा। वाहनों को औड़िहार होकर नहीं जाना होगा। साथ ही कैथी में पड़ने वाले टोल पर टैक्स भी नहीं देना होगा। इस रूट से यात्रा करने वालों का करीब 30 से 35 रुपये एक तरफ यानी 60 से 70 रुपये प्रति चक्कर बचत होगी।
जर्जर पुल की मरम्मत कराने के लिए तैयारी चल रही है। इसी महीने हम लोग कुछ काम शुरू करा देंगे। पुल के ऊपर मरम्मत के कार्य कराए जाएंगे। - आरएस यादव, परियोजना प्रबंधक-एनएचएआई