जौनपुर। गर्मी का असर अब बढ़ने लगा है। प्यास बुझाने के लिए थोड़ी-थोड़ी देर में पानी की जरुरत पड़ रही है। सफर पर निकले यात्रियों की जेब में अगर पैसे नहीं तो उन्हें पानी के लिए छटपटाना और दूसरों के सामने गिड़गिड़ाना पड़ रहा है। दरअसल, रेलवे स्टेशन पर पेयजल की कोई व्यवस्था ही नहीं है। हैंडपंप और टोटियां सूखी पड़ी हैं। वाटर एटीएम शोपीस बना हुआ है। ऐसे में ज्यादातर यात्री महंगे बोतलबंद पानी का सहारा लेने को मजबूर हैं। यह पानी खरीदने में सक्षम न होने पर यात्रियों को स्टेशन के बाहर चाय-पान की दुकानों पर खड़े होकर गुहार लगानी पड़ रही है। जिम्मेदार इस समस्या से बेपरवाह बने हुए हैं। शहर केे जौनपुर जंक्शन और जौनपुर सिटी रेलवे स्टेशन से रोजाना सैकड़ों यात्री सफर करते हैं। यहां आम जन की सुविधा के लिए सभी प्लेटफार्म पर टोटियां लगाई गई। वाटर एटीएम की सुविधा भी शुरू की गई थी, जिससे लोग शुल्क देकर शुद्ध व ठंडा पानी प्राप्त कर सकें। इन सुविधाओं का मकसद यात्रियों को बोतलबंद महंगे पानी के बोझ से निजात दिलाना था। कोरोना काल में ट्रेनों का संचालन बंद हुआ तो यह सुविधाएं भी बंद हो गईं। अब स्टेशन से गुजरने वाली ज्यादातर ट्रेनों का परिचालन शुरू हो गया है। बड़ी संख्या में यात्री भी प्लेटफार्म पर पहुंच रहे हैं। ट्रेन के इंतजार में उन्हें घंटों वहां बैठना पड़ रहा है। ऐसे में प्यास लगने पर यात्री बोतलबंद पानी का सहारा लेने को विवश हैं। 20 रुपये प्रति लीटर मिलने वाले पानी से उन्हें प्यास बुझानी पड़ रही है। प्लेटफार्म नंबर एक पर लगा वाटर एटीएम शोपीस बना है तो प्लेटफार्म बनी टोटियों से पानी नहीं आ रहा। ऐसे ही हाल सिटी रेलवे स्टेशन के भी हैं। इस अव्यवस्था से यात्री जहां परेशान हैं, वहीं पानी विक्रेता लाभ उठा रहे हैं।
लंबे सफर के दौरान सिर्फ पानी खरीदने में ही काफी पैसा खर्च हो जाता है। हर कोई 20 रुपये बोतल का पानी नहीं खरीद सकता। वाटर एटीएम चालू हो जाए तो काफी राहत मिले। रेलवे को यह व्यवस्था करनी चाहिए। -अजय विश्वकर्मा, यात्री, निवासी खेतासराय।
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अकेले सफर में तो फिर एक-दो बोतल से काम चल जाएगा, लेकिन जब परिवार साथ मेें हो तो कितना बोतल पानी खरीदा जाए। बड़े स्टेशनों के प्लेटफार्म तो यह सुविधा होनी ही चाहिए। किराया भी पहले से महंगा हो गया है, मगर सुविधाएं कम हो गई हैं। -सुजीत मौर्य, यात्री, निवासी प्रसाद तिराहा।
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ट्रेनों का संचालन शुरू हुए कई महीने बीत गए। अधिकांश ट्रेनें शुरू हो चुकी हैं। ऐसे में जनसुविधाओं का ख्याल रखना चाहिए। गर्मी में पानी सबसे बड़ी जरुरत है। शुद्ध पानी की व्यवस्था तो स्टेशन पर होनी ही चाहिए। -नीतू शर्मा, यात्री, निवासी कोतवाली।
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प्लेटफार्म की टोटियों से तो वैसे भी गंदा पानी ही आता है। बोतलबंद पानी खरीदना मजबूरी है। जानबूझकर ऐसा किया जा रहा है, ताकि पानी बेचने वाले ज्यादा मुनाफा कमा सकें। गर्मी में यात्रियों को शुद्ध पानी भी उपलब्ध न करा पाना निंदनीय है। -बबलू, यात्री, निवासी मुफ्तीगंज।
वर्जन...
लंबे समय से बंद होने के कारण वाटर एटीएम खराब है। इसे शीघ्र चालू कराया जाएगा। टोटियों में पानी आ रहा है। हो सकता है कोई खराब हो तो उसे दुरुस्त करा दिया जाएगा। यात्रियों की बेहतर सुविधा मुहैया कराने का पूरा प्रयास रहता है। -यूएस सिंह, स्टेशन अधीक्षक, जौनपुर जंक्शन।