स्वतंत्रता सेनानी एवं बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर की जयंती पर नाई महासभा के लोगों ने नगर में जुलूस निकाल कर कलेक्ट्रेट में सभा की। इस मौके पर वक्ताओं ने कर्पूरी ठाकुर एवं समाजवादी चिंतक डा. राममनोहर लोहिया को भारत रत्न दिए जाने की मांग की।
जन नायक कर्पूरी ठाकुर के 91वी जयंती के मौके पर राष्ट्रीय नाई महासभा की ओर से नमोनाथ शर्मा के नेतृत्व में शहर में जुलूस निकाला गया। भंडारी रेलवे स्टेशन से निकला जुलूस शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचकर सभा में तब्दील हो गया। संगठन के प्रांतीय महासचिव अजय शर्मा ने कहा कि आज ही के दिन 1924 में बिहार प्रांत के समस्तीपुर जिले के पितौझिया कर्पूरी गांव में जन्मे कर्पूरी ठाकुर ने 1942 के आंदोलन में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। उन्हें 26 महीने जेल में बिताने पड़े थे। वह 1967 में बिहार के उप मुख्यमंत्री बने।
1977 में वह बिहार के मुख्यमंत्री रहते हुए राज्य में शराब पर पूरी तरह से प्रतिबंध लागू कर दिया था। उन्होंने पिछड़े, सवर्णों, महिलाओं को आर्थिक आधार पर आरक्षण की मुख्य धारा से जोड़ने का ऐतिहासिक काम किया था। वक्ताओं ने कर्पूरी ठाकुर और समाजवादी चिंतक डा. राममनोहर लोहिया को भारत रत्न दिए जाने की मांग की। इस मौके पर रामअधार, हरीलाल, लक्षनधारी प्रधान, डा. वीके, डा. अनिल शर्मा, शशि शर्मा, मंजू शर्मा, अमरनाथ शर्मा, डा. महेंद्र, नागेंद्र आदि मौजूद थे।
उधर राष्ट्रीय लोकदल के तारापुर स्थित कार्यालय पर भी पूर्व मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर की जयंती मनाई गई। उनके चित्र पर लोगों ने माल्यार्पण किया। कहा कि वह ईमानदारी की मिसाल थे। इस मौके पर जिलाध्यक्ष सत्येंद्र सिंह, डा. एसए रिजवी, संजय सिंह, रामआसरे विश्वकर्मा, राजेंद्र तिवारी, शिव प्रकाश विश्वकर्मा, अवधेश नारायण गिरी, डा. प्रदीप कुमार श्रीवास्तव मौजूद थे।