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सलीब ढोकर यीशु की यातनाएं की याद

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गुड फ्राईडे क अवसर पर सेंट पैट्रिक स्कूल स्थित चर्च से क्रूस यात्रा निकालते शिक्षक व छात्र। संवा? - फोटो : JAUNPUR
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जौनपुर। मसीही समाज के लोगों ने शुक्रवार को गुड फ्राइडे मनाया। सेंट पैट्रिक स्कूल स्थित चर्च से क्रूस यात्रा निकाली गई। यात्रा का चौदह स्थानों पर पड़ाव बनाया गया था। फादर जोशफ क्रस्ता ने हर पड़ाव पर प्रभु यीशु को दी गई यातनाओं का जिक्र किया। भक्तों ने प्रभु यीशु को याद करते हुए उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किया।
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उन्होंने उपस्थित मसीही समाज के लोगों को बताया कि गुड फ्राइडे के दिन प्रभु यीशु को क्रॉस पर लटका दिया गया था। इसके तीन दिन बाद प्रभु पुन: जीवित हो उठे थे। प्रभु का पुनर्जन्म आम इंसान के उम्मीदों का पुनर्जन्म था। ईस्टर (चार अप्रैल) का यह पर्व वसंत ऋतु में ही पड़ता है। एक कथा में कहा जाता है कि यीशु को सूली पर चढ़ाने के बाद राज्य के आम लोग अत्यंत निराश हो गए थे। वे उदास-हताश थे। तभी एक महिला के माध्यम से पता चला कि उसे दो देवदूतों ने बताया कि यीशु जी चुके हैं। लोगों को इस समाचार पर विश्वास नहीं हुआ। बाद में उन्होंने यीशु को साक्षात देखा। यह कथा बताती है कि निराशा और दुखों से हताश होने की आवश्यकता नहीं है। सिस्टर जेसी, सिस्टर प्रीति, सिस्टर पुष्पा, सिस्टर रीता समेत बड़ी संख्या में ईसाई समुदाय के लोग मौजूद रहे।
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