दीक्षांत समारोह का पूर्वाभ्यास करते विद्यार्थी। पूविवि
जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के 30 वें दीक्षांत समारोह का पूर्वाभ्यास महंत अवेद्यनाथ संगोष्ठी भवन में संपन्न हुआ। समारोह में प्रत्येक गतिविधि का क्रमवार अभ्यास किया गया, ताकि मुख्य समारोह का संचालन सुव्यवस्थित एवं समयबद्ध ढंग से किया जा सके। दीक्षांत समारोह 27 जुलाई को महंत अवेद्यनाथ संगोष्ठी भवन में आयोजित होगा। समारोह की अध्यक्षता कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल करेंगी। मुख्य अतिथि के रूप में मेजर जनरल गौरव गौतम (अति विशिष्ट सेवा मेडल), अपर महानिदेशक एनसीसी उपस्थित रहेंगे। उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय अतिविशिष्ट अतिथि तथा राज्य मंत्री उच्च शिक्षा रजनी तिवारी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगी। दीक्षांत समारोह में 83 मेधावी विद्यार्थियों को 84 पदक प्रदान किए जाएंगे। इसके साथ ही 339 शोधार्थियों को पीएचडी तथा एक डीएससी (डॉक्टर ऑफ साइंस) की उपाधि प्रदान की जाएगी। कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने पूर्वाभ्यास के दौरान दीक्षांत समारोह की गतिविधियों एवं व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया। पूर्वाभ्यास में मुख्य अतिथि की भूमिका प्रो. आलोक सिंह ने निभाई। राज्यपाल एवं कुलाधिपति की भूमिका डॉ. अनू त्यागी और उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय की भूमिका प्रो. सौरभ पाल तथा राज्य मंत्री उच्च शिक्षा रजनी तिवारी की भूमिका डॉ. जाह्नवी श्रीवास्तव ने निभाई। पूर्वाभ्यास के दौरान अतिथियों के आगमन, शैक्षणिक शोभायात्रा, मंचासीन होने, दीप प्रज्ज्वलन, उपाधि एवं पदक वितरण सहित समारोह के विभिन्न चरणों का निर्धारित समय के अनुरूप अभ्यास किया गया। बच्चों को रिहर्सल कराने में एनसीसी समन्वयक डॉ. शशिकांत यादव, प्रो, राकेश यादव, डॉ. राजबहादुर यादव ने सराहनीय भूमिका निभाई। कुलसचिव डॉ. विनोद कुमार सिंह ने दीक्षांत समारोह में शामिल होने वाले शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों के लिए जारी दिशा-निर्देशों की विस्तारपूर्वक जानकारी दी। दीक्षांत समारोह के पूर्वाभ्यास का संयोजन प्रो. अविनाश ने किया तथा संचालन प्रो. मनोज मिश्र ने किया। इस अवसर पर वित्त अधिकारी आत्मधर प्रकाश द्विवेदी, प्रो. मानस पांडेय, प्रो. अविनाश पार्थीडेकर, प्रो. अजय प्रताप सिंह, प्रो. राजकुमार, प्रो. संतोष सिंह, प्रो. अजय दूबे, प्रो. अजय द्विवेदी, डॉ. मनीष गुप्ता, डॉ. दिग्विजय सिंह राठौर समेत कार्य परिषद और विद्या परिषद के लोग उपस्थित थे।