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पिता के वचन के लिए राम ने त्यागा राजमहल : शांतनु

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रामकथा सुनाते शांतनु महाराज। आयोजक
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जौनपुर। बीआरपी इंटर कॉलेज के मैदान में वरिष्ठ भाजपा नेता ज्ञान प्रकाश सिंह की ओर से आयोजित नौ दिवसीय श्रीरामकथा के सातवें दिन कथाव्यास आचार्य शांतनु महाराज ने भगवान श्रीराम के वनगमन और राजा दशरथ के महाप्रयाण का भावपूर्ण वर्णन किया। प्रभु श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण के त्याग, प्रेम और पिता के वचन के प्रति समर्पण के प्रसंग सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो गए। आचार्य शांतनु महाराज ने कहा कि भगवान श्रीराम ने पिता की आज्ञा और रघुकुल की मर्यादा की रक्षा के लिए राजमहल के सुखों का त्याग कर वन जाना स्वीकार किया। माता सीता और लक्ष्मण का उनके साथ वनगमन प्रेम, त्याग और समर्पण की अनुपम मिसाल है। श्रीराम के वियोग में राजा दशरथ के महाप्रयाण का प्रसंग सुन श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं। उन्होंने परिवार में संस्कार, माता-पिता के सम्मान और कर्तव्यपालन का संदेश दिया। कथा के दौरान जनपद के प्रमुख देवस्थानों के महंतों, पीठाधीश्वरों और पुरोहितों का मंच से सम्मान किया गया। मुख्य आयोजक ज्ञान प्रकाश सिंह ने संत-महात्माओं और धर्माचार्यों को सम्मानित कर सनातन संस्कृति एवं धार्मिक परंपराओं के प्रति आदर व्यक्त किया। इस दौरान राज्यमंत्री कुंवर बृजेश सिंह, संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा, गौरीगंज विधायक राकेश सिंह, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. सुजीत सिंह, डॉ. उमेश चंद्र तिवारी आदि उपस्थित रहे। इसके अलावा महंत नरसिंह दास महाराज, महंत बाबा रामदास महाराज, महंत राजन दास और पीठाधीश्वर महंत रामदास महाराज सहित विभिन्न मंदिरों के संत-महात्मा और पुरोहित भी मौजूद रहे।
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