विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलित राज्य कर्मचारियों का धरना तीसरे दिन बुधवार को भी जारी रहा। अवकाश का दिन होने के बाद भी बड़ी संख्या में कर्मचारी धरने में पहुंचे। कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन कर कर्मचारियों ने सभा की।
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष राकेश कुमार श्रीवास्तव की अगुवाई में चल रहे धरने में कर्मचारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में हुंकार भरी। धरने में परिवहन, राजस्व संग्रह, शिक्षा, विकास भवन, सिंचाई, कलेक्ट्रेट, लोक निर्माण,
स्वास्थ्य, आंगनबाड़ी मातृ शिशु कल्याण, कृषि, ब्यापारकर, आईटीआई, ग्राम पंचायत, ग्राम विकास, चकबन्दी, निर्वाचन, खाद्य रसद, आपूर्ति, होमगाई आदि विभागो के कर्मचारियों ने सभा कर विरोध जताया। इस मौके पर राकेश श्रीवास्तव ने कहा कि
राज्य कर्मचारियों को केन्द्रीय कर्मचारियों की भांति सभी भत्तों की समानता प्रदान की जाए, नई पेंशन व्यवस्था को समाप्त करते हुए पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल की जाए, पूर्व में लागू नकदीकरण व्यस्था लागू की जाए, कर्मचारियों को 20 वर्षों की
सेवा पर तीन प्रोन्नति वेतनमान दिया जाए, संघर्ष समिति के जीएन दूबे ने कहा कि तकनीकी योग्यताधारी संवर्गों को न्यूनतम 4800 ग्रेड वेतन किया जाए।
मुख्यमंत्री को सम्बोधित 10 सूत्रीय माग पत्र नगर मजिस्टे्रट को सौपा। इस मौके पर चन्द्रशेखर सिंह, डीआर सिंह, उपेन्द्र सिंह, राम औतार यादव, अजय कुमार श्रीवास्तव, जेपीसिंह आदि थे।