जौनपुर। राजा श्री कृष्ण दत्त स्नातकोत्तर महाविद्यालय के संस्थापक स्व. राजा यादवेंद्र दत्त दुबे की 25 वीं पुण्यतिथि सोमवार को काॅलेज परिसर में मनाई गई। प्रबंधक, प्राचार्य और शिक्षकों ने उनके व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डाला। अध्यक्षता करते हुए प्रबंधक सत्यराम प्रजापति ने कहा कि स्व. राजा साहब राष्ट्रवादी विचारधारा के पोषक और कुशल राजनीतिज्ञ थे। बहुमुखी प्रतिभा के धनी होने के साथ महादानी, विद्यानुरागी भी थे। स्वतंत्र भारत के इतिहास में भी राजा साहब का महत्वपूर्ण योगदान रहा। वह तीन बार विधायक और एक बार सांसद और विधानसभा में नेता विरोधी दल भी रहे। काॅलेज की स्थापना करके आपने शिक्षा के क्षेत्र में महत्व पूर्ण योगदान दिया है। महाविद्यालय को ऊंचाई पर ले जाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। काॅलेज के प्राचार्य प्रो. शंभू राम ने कहा कि राजा साहब राजनीति के पुरोधा थे। राजनीति, समाज और शिक्षा के क्षेत्र में आपका अमूल्य योगदान रहा है। जिसे आज भी याद किया जाता है। आप ओजस्वी वक्ता थे। वरिष्ठ प्राध्यापक प्रो. अवधेश द्विवेदी ने राजा साहब से जुड़े कई संस्मरण सुनाए। इसके हपले डा. रजनीकांत द्विवेदी, डा. गंगाधर शुक्ल, डा. मृत्युंजय मिश्र ने सस्वर मंगल पाठ किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के शिक्षक व शिक्षणेत्तर कर्मचारियों ने उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। संचालन डॉ. मनोज तिवारी ने किया।