कुलपति सभागार में ई-साक्ष्य, डीपीडीपी अधिनियम और डिजिटल सुरक्षा पर विशेष सत्र में बोलते साइबर व
मल्हनी।
वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में सिक्योर एप्लीकेशन डेवलपमेंट विषय पर आयोजित छह दिवसीय कार्यशाला के दूसरे दिन विद्यार्थियों को सुरक्षित एप्लीकेशन निर्माण की तकनीकी बारीकियों से अवगत कराया। कार्यक्रम में कुलपति प्रो. राकेश कुमार सिंह ने कहा कि वर्तमान समय में साइबर सुरक्षा और सुरक्षित एप्लीकेशन डेवलपमेंट के क्षेत्र में विद्यार्थियों के लिए रोजगार और कॅरिअर की व्यापक संभावनाएं हैं। विद्यार्थियों को इन क्षेत्रों में तकनीकी दक्षता विकसित करने के साथ व्यावहारिक ज्ञान हासिल करना चाहिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की रुचि और सहभागिता को देखते हुए विश्वविद्यालय भविष्य में और अधिक प्रायोगिक एवं उद्योग आधारित कार्यशालाएं आयोजित करेगा। कार्यशाला में साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ डॉ. अनूप गिरधर ने विद्यार्थियों को सुरक्षित एप्लीकेशन डेवलपमेंट के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। तकनीकी सत्र में डॉ. अनूप गिरधर ने प्रोग्रामिंग की मूलभूत अवधारणाओं से लेकर सुरक्षित एप्लीकेशन डेवलपमेंट के तकनीकी पक्षों को सरल और व्यावहारिक तरीके से समझाया। उन्होंने सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट आर्किटेक्चर के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा करते हुए सुरक्षित और मजबूत एप्लीकेशन तैयार करने के लिए आवश्यक सुरक्षा मानकों की जानकारी दी। विद्यार्थियों को हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग भी दी गई। डॉ. गिरधर ने लाइव प्रोग्रामिंग के माध्यम से वर्चुअल मशीन सेटअप करने और कोड में आवश्यक सुरक्षा मानकों को लागू करने का प्रशिक्षण दिया। आयोजन इंजीनियरिंग संकाय के संकायाध्यक्ष प्रो. सौरभ पाल के मार्गदर्शन में हुआ। इस दौरान प्रो. अशोक श्रीवास्तव, प्रो. गिरिधर मिश्र, प्रो. राजकुमार, डॉ. दिव्येंदु मिश्र, प्रियंका जायसवाल मौजूद रहे।