जौनपुर। अपर सत्र न्यायाधीश सुरेंद्र प्रताप यादव की अदालत ने सरायख्वाजा निवासी एक नाबालिग पीड़िता के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। कोर्ट ने मुख्य दोषी गुड्डू उर्फ हिसामुद्दीन को 15 वर्ष की कठोर कैद और 40,500 जुर्माने की सजा दी है। वहीं, सह-आरोपी मेहनाज को 12 वर्ष की कैद और 25,000 जुर्माने से दंडित किया गया है। जुर्माना न भरने पर दोनों को 6 महीने की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। 8 जुलाई 2018 की रात करीब 1 बजे सरायख्वाजा क्षेत्र की 16 वर्षीय किशोरी जब शौच के लिए बाहर गई थी, तब आरोपी गुड्डू ने उसे जबरन अगवा कर लिया था। पीड़िता को अतरौरा और इलाहाबाद ले जाकर कमरों में बंद रखा गया, जहां गुड्डू और मेहनाज ने उसके साथ दरिंदगी की। किसी तरह चंगुल से छूटकर पीड़िता दो-तीन दिन बाद जौनपुर सिटी स्टेशन पहुंची, जहां से पुलिस ने उसे बरामद किया।पुलिस ने विवेचना के बाद कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया। पीड़िता के मेडिकल रिपोर्ट, मजिस्ट्रेट के समक्ष दर्ज बयानों और गवाहों की गवाही के आधार पर कोर्ट ने दोनों आरोपियों को अपहरण और दुष्कर्म का दोषी पाया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि ऐसे जघन्य अपराधों में नरमी की कोई जगह नहीं है।