फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

घरों में रही जनता, शहर से गांव तक कर्फ्यू

विज्ञापन
04- चौबीस घंटे चलने वाला सबसे व्यस्त ओलन्दगंज चौरोहे पर जनता कर्फ्यू का दिखा गहरा असर । - फोटो : JAUNPUR
विज्ञापन
मुख्य खबर...
विज्ञापन

---
घरों में रही ‘जनता’, शहर से गांव तक ‘कर्फ्यू’
- सड़कों, गलियों व बाजार में पसरा रहा सन्नाटा, नहीं दिखे लोग
- प्रधानमंत्री की अपील का दिखाअसर, दूध-सब्जी की दुकानें भी रहीं बंद
अमर उजाला ब्यूरो
जौनपुर। पौ फटते ही सरपट दौड़ने वाला यह शहर रविवार को पूरी तरह शांत रहा। सड़कों पर दूर-दूर तक कहीं कोई नजर नहीं आ रहा था। न दुकानें खुलीं और न ही लोग घरों से बाहर आए। यह किसी जोर-जबरदस्ती का असर नहीं था, लोग स्वत:स्फूर्त भाव से सरकार की हिदायतों पर अमल करते नजर आए। कोरोनाको मात देने के लिए प्रधानमंत्री की अपील पर जनता कर्फ्यू का अभूतपूर्व असर दिखा। जनता पूरे दिन घरों में सिमटी रही। शहर से गांव तक हर तरफ कर्फ्यू कायम रहा। वाहनों के शोर और भीड़ के दबाव से हरवक्त कराहती सड़कों पर भी सन्नाटा पसरा रहा। पुलिस-प्रशासन के अफसरों की गाडिय़ां और उनके हूटर की आवाज ही रह-रहकर सुनाई दे रही थी। पेट्रोल पंप, मेडिकल स्टोर, दूध-सब्जी की दुकानें भी बंद रहीं।
शनिवार की रात सोते वक्त ही शहर के लोगों ने यह तय कर लिया था कि कुछ भी हो जाए वह इस रविवार को घरों से बाहर नहीं आएंगे। सुबह थोड़ी चहलकदमी जरुर हुई। मार्निंग वॉक और दूध-सब्जी, अखबार जैसी दैनिक जरुरत की चीजें खरीदने लोग घरों से बाहर, लेकिन जैसे ही घड़ी की सूइयों ने सात बजाया हर कोई घरों के अंदर कैद हो गया। ज्यादातर लोगों ने एक दिन पहले ही जरुरत के सामान घरों में रख लिया था। सुबह 10 बजे तक शहर के सबसे व्यस्त बाजार ओलंदगंज, चहारसू, कोतवाली, सब्जी मंडी, गल्ला मंडी, नखास, सुतहट्टी, अटाला, जेसीज, पुरानी बाजार सहित अन्य इलाकों में कोई व्यक्ति नहीं था। सुरक्षा व्यवस्था के लिए तैनात पुलिसकर्मी चौराहों-तिराहों पर गश्त करते नजर आए। वाजिदपुर, पॉलीटेक्निक, जेसीज और सिपाह चौराहों का भी यही हाल था। दोपहर करीब 11 बजे रोडवेज स्टैंड पर कुछ लोग खड़े थे, जो ट्रेन और बस से यहां पहुंचे थे, लेकिन आगे के लिए कोई साधन न होने से डिपो परिसर में ही बैठकर अपने किसी परिचित के आने की प्रतीक्षा कर रहे थे। जौनपुर से आजमगढ़, वाराणसी, प्रयागराज और लखनऊ को जाने वाले हाईवे पर वाहनों का टोटा था। न तो कोई सरकारी वाहन चल रहा था और न ही निजी वाहन। प्रशासन के निर्देशों के तहत चार मेडिकल स्टोर और एक पेट्रोल पंप के अलावा कोई भी प्रतिष्ठान नहीं खुला। लोग बरामदे से खड़े होकर शहर के हाल का जायजा लेते नजर आए।
विज्ञापन
विज्ञापन

---
सूनी सड़कों पर बच्चों ने खेले क्रिकेट तो कहीं बैडमिंटन
जौनपुर। कोरोना के भय से पूरी जनता घरों में थी। पार्क, मॉल, होटल भी बंद थे। ऐसे समय में बच्चे सड़कों पर ही खेलकर मनोरंजन कर रहे थे। सिविल लाइन इलाके में सड़क पर बच्चे बैडमिंटन खेलते दिखे तो मछलीशहर पड़ाव पर लगे जंपिंग झूला पर उछलकूद करते नजर आए। हालांकि उनकी सेहत के लिहाज से यह उचित नहीं था, मगर बालमन भी मानने को तैयार नहीं था। घरों में रहकर बोर होने से आजिज बच्चों ने सूनी सड़कों का अपने खेल-कूद के लिए इस्तेमाल किया। ग्रामीण क्षेत्रों में कई जगह सड़क पर ही स्टैंप खड़ा कर क्रिकेट खेलने में भी बच्चे मशगूल रहे।

15- आम दिनों में हमेशा गुलजार रहने वाला शाही पुल भी आज उदास दिखा ओलन्दगंज से कोतवाली तक पिन ड्राप सा?- फोटो : JAUNPUR

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें