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Jaunpur News: खुले नालों से सुरक्षा बैरिकेडिंग और चेतावनी बोर्ड के सहारे

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ओलंदगंज बाजार में बिजली के बाक्स पर लगा चेतावनी बोर्ड। संवाद
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पिछले साल करंट लगने और खुले नाले में बहने से तीन लोगों की मौत की घटना से जिला प्रशासन ने सबक लिया है। लेकिन पूरी तरह से अपनी जिम्मेदारी नहीं निभा रहा है। हादसे पर हादसे हो रहे है। जिले के खुले नाले बैरिकेडिंग और चेतावनी बोर्ड के सहारे हैं।
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इस बार हादसों को रोकने के लिए खुले नालों पर बैरिकेडिंग, चैंबर की मरम्मत, पुलियों पर सुरक्षा दीवार, बिजली के बॉक्स पर कवर और 150 स्थानों पर चेतावनी बोर्ड लगाए जा रहे हैं।
नगर पालिका और संबंधित विभागों ने 15 संवेदनशील स्थानों को चिह्नित कर वहां विशेष सुरक्षा कार्य शुरू करा दिया है। इसके साथ ही 12 निकायों में 31 अधिकारियों और सहायक अधिकारियों की तैनाती कर स्थलीय सत्यापन की जिम्मेदारी सौंपी गई है, ताकि बरसात के दौरान पिछले वर्ष जैसा हादसा दोबारा न हो।
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25 अगस्त 2025 को मछलीशहर पड़ाव तिराहे पर सड़क के गड्ढे और खुले नाले के पास बिजली के जर्जर तार से करंट फैल गया था। इसी दौरान टूटी नाली के ढक्कन के कारण प्राची मिश्रा गड्ढे में गिर गईं और करंट की चपेट में आने के बाद खुले नाले में बह गईं। उनका शव करीब 28 घंटे बाद मिला था। उन्हें बचाने की कोशिश में दो अन्य लोगों की भी जान चली गई थी। इस घटना के बाद नगर पालिका, बिजली विभाग और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठे थे। नगर पालिका ने लाइन बाजार तिराहा स्थित मंदिर, निजी अस्पताल मोड़, कचगांव मोड़, सद्भावना मोड़, मियापुर स्थित मंदिर, जिला जेल के पास, नगर पालिका बालिका विद्यालय रुहट्टा और मछलीशहर पड़ाव सहित 15 स्थानों पर चैंबर मरम्मत और चेतावनी बोर्ड लगाने का कार्य कराया है। मंडी नसीब खां और मकदूमशाह अढ़न क्षेत्र में बैरिकेडिंग की गई है, जबकि अहियापुर और मच्छरहट्टा में पुलियों के पास सुरक्षा दीवार बनाई गई है। ताड़तला क्षेत्र में अभी कार्य शेष है।
जिलाधिकारी सैमुअल पॉल एन ने एक माह पूर्व समीक्षा बैठक कर बरसात से पहले सभी सुरक्षा और सफाई कार्य समय से पूरा कराने के निर्देश दिए थे।
वजह खासकर शहर में बिजली के खंभों में करंट आने, तारों के टूटने या गिरने जैसी घटनाओं को रोका जा सके।
इन सभी कार्यों के स्थलीय सत्यापन के लिए कुल 12 निकायों में 31 अधिकारी और सहायक अधिकारी नामित किए गए हैं। इनमें तीन नगर पालिकाएं और नौ नगर पंचायतें शामिल हैं।
शिकायतों के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई: गुड्डू मौर्य, बाबा रमेश यादव का कहना है कि करीब दो वर्षों से नालियों के ढक्कन टूटे पड़े हैं। कई बार शिकायत करने के बावजूद न तो नए ढक्कन लगाए गए और न ही सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग या चेतावनी बोर्ड लगाए गए। लोगों ने हादसों को रोकने के लिए तत्काल मरम्मत कराने की मांग की है। लोगों ने हादसों को रोकने के लिए तत्काल मरम्मत कराने की मांग की है।
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