डॉ. अर्चना पाली क्लीनिक सील करते तहसीलदार सुलेखा वर्मा डिप्टी सीएमओ द्वय डॉ. आलोक सिंह व डॉ. अर
खुटहन। प्रसव के दौरान शिशु की मौत और प्रसूता की पसली टूटने के मामले में बुधवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अर्चना पाली क्लीनिक को सील कर दिया। घटना के बाद से अस्पताल संचालक और कर्मचारी ताला बंद कर भाग गए हैं। डिप्टी सीएमओ डॉ. अरुण कुमार यादव ने बताया कि मिठनेपुर गांव निवासी अंकित यादव का आरोप था कि प्रसव पीड़ा होने पर वे पत्नी सुनीता यादव को उक्त अस्पताल में भर्ती कराए थे। प्रसव के दौरान शिशु को खींचकर निकालने और प्रसूता के सीने पर दबाव डालने से पसली टूटने पर हालत बिगड़ गई। शिशु की मौत के बाद गंभीर हालत में प्रसूता को जिला मुख्यालय स्थित एक दूसरे निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहां उसका उपचार चल रहा है। मामले की शिकायत प्रसूता के पति ने डीएम-एसपी से की थी। डीएम के निर्देश पर बुधवार को डिप्टी सीएमओ डॉ. अरुण कुमार यादव, डॉ. आलोक सिंह, तहसीलदार शाहगंज सुलेखा वर्मा, सीएचसी अधीक्षक डॉ़ आरिफ खान ने अस्पताल को सील कर दिया। संवाद