जेल प्रशासन के मुताबिक, सुफियान बिजली का काम जानता था। इस कारण उसे जेनरेटर कक्ष की तरफ जाने की छूट दी गई थी। शुक्रवार की दोपहर 12.15 बजे तक वह सामान्य बंदियों की तरह नजर आया और सीसी कैमरे में गमझा लेकर जेनरेटर रूम की तरफ जाते देखा गया। इसी बीच, 12:30 बजे उसने जनरेटर रूम में फंदा लगाकर जान दे दी।
जानकारी होते ही सिटी मजिस्ट्रेट इंद्र नंदन सिंह और सीओ सिटी गोल्डी गुप्ता पहुंचे। शव को उतरवाकर घटना की जानकारी बंदी के परिवार वालों को दी गई। सीओ सिटी गोल्डी गुप्ता ने बताया कि मो. सुफियान बिजली का काम जानता था। जेल में भी वही काम कर रहा था। परिवार के लोगों को सूचना दे दी गई है। मामले की छानबीन की जा रही है। वहीं, जेल प्रशासन ने तत्काल मामले की रिपोर्ट के आधार ड्यूटी पर तैनात हेड वार्डेन आशुतोष चतुर्वेदी को निलंबित कर दिया है। साथ ही पूरे मामले की जांच कराने का निर्णय लिया है।