मछलीशहर। कहते है कि होनी को कोई टाल नहीं सकता, ऐसा ही जहांसापुर निवासी प्रधानाध्यापक राम लौटन के साथ भी हुआ।अहमदपुर विद्यालय को निपुण लक्ष्य प्राप्त होने पर जिलाधिकारी द्वारा प्रधानाध्यापक को सम्मानित किए जाने की घोषणा हो चुकी थीं, तिथि घोषित होने का इंतजार था। इसी बीच उनकी हत्या हो गई। सोमवार को निकली शव यात्रा में शिक्षक संघ के पदाधिकारियों व भीम आर्मी के पदाधिकारियों के साथ ही भारी संख्या में ग्रामीण शव यात्रा में शामिल हुए।
फरवरी के प्रथम सप्ताह में बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा निपुण लक्ष्य प्राप्त करने वाले विद्यालयों की सूची जारी हुई, जिसमें विद्यालय के प्रधानाध्यापक को जिलाधिकारी द्वारा सम्मानित किए जाने की बात कही गई थी। ब्लाक के 22 प्राथमिक विद्यालय में अहमदपुर विद्यालय भी उक्त सूची में शामिल हैं। जिलाधिकारी के हाथों सम्मानित होने की जानकारी के बाद प्रधानाध्यापक रामलौटन बेहद खुश थे। उस तिथि के घोषणा का इंतजार कर रहे थे कि इसी बीच उनकी हत्या हो गई। उनकी अभिलाषा अधूरी रह गई। सोमवार को सुबह उनके घर से निकली शव यात्रा में भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष एसपी मानव अपने कार्यकर्ताओं के साथ, प्राथमिक शिक्षक संघ के रोहित यादव, लाल साहब यादव, अखंड प्रताप सिंह, माहेश्वरी मिश्रा समेत भारी संख्या में शिक्षक व ग्रामीण शामिल हुए।
सही धाराओं में मुकदमा न दर्ज करने का आरोप :-
मछलीशहर। शव यात्रा में शामिल होने आए भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष एसपी मानव के कहा कि पुलिस मुकदमा दर्ज करने में लापरवाही बरती है। तहरीर के आधार पर 302 और एससी एसटी लगना चाहिए मगर ऐसा नहीं किया गया। इसकी शिकायत पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मिलकर करेंगे। शिक्षक संघ के स्थानीय पदाधिकारियों ने भी यह बात कही। कोतवाली पुलिस से संपर्क कर धारा बढ़वाने का निर्णय लिया है।
शव यात्रा निकलने तक रहा पुलिस का पहरा
मछलीशहर। घटना के बाद से लेकर जहांसापुर गांव से सोमवार को शव यात्रा निकलने तक पुलिस लगातार स्थिति की निगरानी करती रही। रविवार को पोस्टमार्टम के बाद शव लेकर परिजन घर लौट आए। परदेश में रहने वाले लोगों का इंतजार कर रहे थे। इधर शव का अंतिम संस्कार नहीं होने से पुलिस परेशान रही। लगातार हाईवे से गांव में जाने वाले मार्ग पर थानाध्यक्ष अपनी जीप में सिपाहियों के साथ मौजूद रहे। सोमवार को सुबह शव यात्रा निकलने के बाद पुलिस ने राहत की सांस ली।