फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

प्राथमिक विद्यालय और आंगनबाड़ी केंद्र बनेगा मुद्दा

विज्ञापन
विज्ञापन
करंजाकला। पंचायत चुनाव की डुगडुगी अभी बजी भी नहीं है लेकिन दावेदार ब्लाक से लेकर जिले तक की दौड़ लगाने लगे हैं। कोई राशन कार्ड, पेंशन, आवास दिलाने का हवाला ग्रामीणों को चक्कर कटवा रहा तो कोई अन्य समस्याएं सुलझाने में लगा है। इन सभी कवायदों का यही मकसद है कि वोट उनके पक्ष में आए। करंजाकला ब्लाक के पाल्हामऊ कला गांव का माहौल इन दिनों ऐसा ही है। आरक्षण के बाद सीट किस वर्ग के हिस्से में आएगी इसकी फिक्र भी किसी को नहीं है। नवसृजित ग्राम पंचायत की आबादी 1700 और मतदाता 1100 हैं। अनुसूचित जाति के मतदाता अधिक हैं। इनके अलावा यादव, विश्वकर्मा, ब्राह्मण, क्षत्रिय, कायस्थ जातियों के लोग निवास करते हैं। आगामी चुनाव में पिछली बार के वादे तो याद किए ही जा रहे, नए मुद्दों पर भी चर्चा हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि बच्चे गांव से दूर प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने जाते हैं। अगर गांव में प्राथमिक विद्यालय, आंगनबाड़ी केंद्र खुल जाता तो बच्चे गांव में ही पढ़ेंगे, दूर नहीं जाना होगा। इसके लिए ग्रामीण ग्राम प्रधान को दोषी बता रहे हैं तो कई सरकार पर भी निशाना साध रहे हैं। उनका कहना है कि इस बार ऐसे प्रधान को चुना जाएगा जो इन जरुरतों को पूरा करा सके। कई लोगों ने गांव की मतदाता सूची पर निगरानी के लिए अभी से ब्लाक की परिक्रमा शुरू कर दी है। वर्ष 2015 में बने गांव की पहली प्रधान अन्नू देवी चुनी गई हैं। इससे पहले यह ग्राम पंचायत स्वतंत्र रुप से अस्तित्व में नहीं था। प्रधान के मुताबिक गांव में शौचालय 200, सामुदायिक शौचालय और पंचायत भवन के कार्य शुरू करा दिए गए हैं। नाली का निर्माण और विद्युतीकरण, खड़ंजा आदि के कार्य कराए गए हैं। सभी दावेदार प्रधान की कमियों को खोज खोजकर चर्चा में बने हुए हैं और शिकायत पर शिकायत कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें