महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए एक और पहल की गई है। इसके लिए मनरेगा से ग्राम पंचायत स्तर पर प्रेरणा आजीविका संवर्धन केंद्र बनाए जाएंगे। इसके लिए 1261 ग्राम पंचायतों में स्थान चिह्नित कर लिया गया है। 376 गांवों में कार्य शुरू भी करा दिया गया है। प्रति शेड के निर्माण में एक लाख 20 हजार रुपये खर्च होंगे।
जिले में 13 हजार 571 स्वयं सहायता समूह है। प्रति समूह में 10 से 12 महिलाएं जुड़ी हैं। अब अनपढ़ और कम पढ़ी-लिखी महिलाएं भी दूसरी नौकरी पेशे वाली महिलाओं की तरह आत्मनिर्भर बन रही हैं। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में स्वयं सहायता समूह अहम भूमिका निभा रहे हैं। अब ऐसे समूह की महिलाओं को जिनके कर्ता-धर्ता का कोरोना काल के दौरान मौत हो गई हो, कमाने वाले उनके घर में न हों, उनके जीविकोपार्जन के लिए मनरेगा की ओर सभी ग्राम पंचायतों में प्रेरणा आजीविका संवर्धन केंद्र बनाए जाएंगे।
इन ब्लॉकों के ग्राम पंचायतों में निर्माण कार्य शुरू
बदलापुर 12, बक्शा 27, बरसठी 20, धर्मापुर 16, डोभी 11, जलालपुर 13, करंजाकला 19, केराकत 14, खुटहन 24, मछलीशहर 18, महाराजगंज 10, मडियाहूं 21, मुप्तीगंज 12, मुंगराबादशाहपुर 16, रामनगर 20, रामपुर 23, शाहगंज 25, सिकरारा 15, सिरकोनी, 28, सुइथाकला 17, सुजानगंज की 15 ग्राम पंचायतों में कार्य शुरू कर दिया गया है।
जिले के सभी ग्राम पंचायतों में प्रेरणा आजीविका संवर्धन केंद्र का निर्माण कराया जाएगा। अभी तक 1261 ग्रामपंचायतों में जगह चिह्नित कर ली गई है। इसमें से 376 ग्राम पंचायतों में कार्य शुरू करा दिया गया है। 2020 के बाद जिस परिवार के कमाने वाले व्यक्ति की कोरोना से या अन्य किसी कारण मौत हो गई है, उनको आजीविका देना केंद्र का मुख्य उद्देश्य है। - भूपेंद्र कुमार सिंह, उपायुक्त मनरेगा