खिचड़ी भेजने के लिए अभी से खरीददारी शुरू, घर में रहता है उपहार का इंतजार
संवाद न्यूज एजेंसी
जौनपुर। मकर संक्रांति की तैयारी अभी से शुरू हो गई है। बाजार में लाई चूड़े की दुकानें सजने लगी हैं। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों में मकर संक्रांति की तैयारियों में लोग जुट गए हैं। मकर संक्रांति पर चूड़े का विशेष महत्व है। मान्यता है कि उस दिन घरों में बच्चे-बूढ़े और युवा सभी चूड़ा-दही या चूड़ा दूध के साथ तिलकुट खाना पसंद करते हैं। ग्रामीण क्षेत्र के लोग मिलों में चूड़ा कुटवातें हैं, बेटियों के घर भिजवाते हैं।
चूड़ा, तिलकुट, गुड़ सहित अन्य सामग्रियों की दुकानें खुल गई हैं। इन्हीं दुकानों से लोग खरीदारी कर रहे हैं। बाजार में चहल-पहल दिख रही है। पर्व को लेकर तिल, गुड़, चूड़ा, मूढ़ी के साथ तिलकुट का बाजार सज गया है। मुख्य बाजारों के साथ फुटपाथ पर भी दुकानें सज रही हैं। बाजार में रंग-बिरंगे पतंगें भी बिक रही हैं। बाजार में कतरनी चूड़ा, उजला तिल व तिलकुट की सर्वाधिक मांग है। तिल की बनीं चीजें बहुत पसंद की जाती हैं। मक्का, तिलपापड़ी, चीनी वाला, खोआ वाला, पोस्ता वाला. रेवड़ी, लड्डू, गया का स्पेशल तिलकुट आदि बाजार में मांग हैं।
इनसेट
गट्टा 80 रुपये तो 940 रुपये किलो बिक रही है गुड़ की काजू कतली
दुकानदार फिरतू राम पापड़ी वाले बताते हैं कि बाजार में संक्रांति के सामानों की मांग अभी से बढ़ गई है। दुकान में लाई 60 रुपये किलो, चूड़ा 60 रुपये किलो, गट्टा 80, मूंगफली की पट्टी 300 रुपये, तिलवा 280, गुड़ का तिलवा 90 , लाई का ढूंढा 140, बेसन के लड्डू 260 रुपये, रामदाना 280 रुपये, गुड़ तीसी के लड्डू 480 रुपये, ड्राईफ्रूट वाले गुड़ 380, गुड़ की बरफी 440, गुड़ की काजू कतली 940 रुपये किलो बिक रही।
इनसेट
दुकान रातभर जागकर तैयार कर रहे हैं माल
जिन परिवारों में बेटियों को खिचड़ी भेजनी है वह अभी से खरीददारी कर उपहार भेज रहे हैं। दुकानदार रातभर जागकर खिचड़ी का सामान तैयारी कर रहे है। दुकानों पर खरीददारी के लिए ग्राहकों की भीड़ पहुंचनी शुरू हो गई है। इसी तरह शहर से लेकर गांव तक तमाम दुकानें सज गई हैं।