विवाहिता के पहले से दो बच्चे थे। उसकी माैत के बाद दोनों बिलख रहे थे। महिला ने फंदा क्यों लगाया, इस पर पुलिस की तफ्तीश जारी है। वहीं, ससुरालियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।
जाैनपुर के शाहगंज क्षेत्र के बडौना गांव निवासी विवाहिता ने गुरुवार को मकान में साड़ी का फंदा लगा अपनी इहलीला समाप्त कर ली। सूचना पर पहुंचे मायके पक्ष के लोगों ने दहेज उत्पीड़न और हत्या का आरोप लगाया।
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मृतका को डेढ़ माह का गर्भ था। अस्पताल में छह घंटे तक पड़ी रही मृतका का शव देर शाम पुलिस ने कब्जे में लेकर मामले की जांच में जुटी।
खेतासराय थाना क्षेत्र के हसनपुर पटरियां गांव निवासी सभाराज की बेटी ज्योति का विवाह क्षेत्र के बडौना गांव निवासी बनवारी के बेटे रोहित से 19 मई 2019 में हिंदू रीति-रिवाज से सम्पन्न हुआ था। विवाह के बाद कुछ समय पति-पत्नी का जीवन खुशमय व्यतीत हुआ।
दोनों से दो बेटियां भी हैं। बड़ी बेटी चार वर्षीय अदीक्षा व दो वर्षीय बेटी वासू है। विवाहिता डेढ़ माह से पेट से थी। गुरुवार को विवाहिता ने घर के अंदर मकान में लगे पंखे में साड़ी के सहारे फंदा लगा अपनी इहलीला समाप्त कर ली।
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मौके पर मौजूद परिवार के लोगों ने फंदे से उतारकर आननफानन उपचार के लिए स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर सुनकर परिजनों मे कोहराम मच गया।
सूचना पर पहुंचे मायके पक्ष के मृतका के पिता ने पुलिस को तहरीर देकर दहेज उत्पीड़न और हत्या का आरोप लगाया। तकरीबन पांच घंटे तक मायके पक्ष के लोगों ने शव को अस्पताल में रखे रहे। कोतवाली पुलिस ने परिजनों को समझा बुझाकर शव को कब्जे में लेकर आवश्यक लिखा-पढ़ी करते हुए पोस्टमार्टम के लिए जिला चिकित्सालय भेज दिया।
मृतका के पिता की तहरीर पर पुलिस उसके पति रोहित, सास चंपा, ससुर बनवारी के विरुद्ध संबधित धाराओं मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच में जुटी। इस संबंध में पूछे जाने पर प्रभारी निरीक्षक दीपेंद्र सिंह ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर विधिक कार्यवाई की जा रही है।