वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में दो दिवसीय इंजीनियरिंग दिवस समारोह का मंगलवार को समापन हुआ। इस अवसर पर पहले दिन आयोजित रंगोली, प्रदर्शनी, वाद-विवाद एवं कम्प्यूटर भाषा की प्रतियोगिताओं में विजेता विद्यार्थियों को पुरस्कृत
किया गया।संगोष्ठी भवन में आयोजित 48वां राष्ट्रीय इंजीनियर दिवस समारोह में बतौर मुख्य अतिथि यतीश कठेरिया निदेशक दूरसंचार भारत सरकार ने कौशल विकास पर बोलते हुए कहा कि दूसरों के साथ ऐसा व्यवहार करो जैसा अपने साथ चाहते हो।
जीवन में सकारात्मक सोच के साथ कार्य करने वाले हर स्थिति में सफलता हासिल करते हैं। कार्य के दौरान आने वाले समस्याओं को निबटने के लिए सकारात्मक सोच हथियार का काम करती है।
अध्यक्षीय संबोधन में कुलपति प्रो. पीयूष रंजन अग्रवाल ने अपने सम्बोधन में विश्वेश्वरैया, अब्दुल कलाम एवं श्रीधरन को याद किया और छात्रों के समक्ष प्रेरणास्रोत के रूप में रखा। उन्होंने रोबोट इंजीनियर्स के स्थान पर संवेदनशील मानव
इंजीनियर को बनाये जाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि संवेदनशील मानव इंजीनियर सामाजिक संवेदनशीलता को समझेगा और सामाजिक विकास में अपना पूर्ण योगदान दे सकेगा। इंजीनियरिंग संस्थान के निदेशक प्रो. बीबी तिवारी ने
विद्यार्थियों को विश्वेश्वरैया के जीवन से प्रेरणा लेने की अपील की। क्वीज में अनुराग पाण्डेय, हिमांशु तिवारी, शुभम उपाध्याय एवं अखिलेश भाष्कर, डिबगिंग प्रतियोगिता में सौरभ सिंह एवं साकिब फरोज, रंगोली में पवन कुमार शुक्ला को
प्रथम स्थान मिला। वहीं विज्ञान प्रदर्शनी में ऋषभ नंदन पाठक, विनीत सिंह, नवीन उपाध्याय, विनोद कुमार वर्मा एवं वाद विवाद प्रतियोगिता में ऋषभ श्रीवास्तव को प्रथम स्थान मिला। इसके साथ ही द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार पाने वाले विद्यार्थी
भी पुरस्कृत हुए। समापन सत्र का संचालन छात्रा सोनाली सिंह एवं समीर श्रीवास्तव ने किया।
रविप्रकाश ने आभार जताया।
इस अवसर पर डा. एके श्रीवास्तव, डा. एचसी पुरोहित. डा. रजनीश भाष्कर, डा. संतोष कुमार, डा. राजकुमार, डा. दिग्विजय सिंह राठौर, शैलेश प्रजापति, सुधीर सिंह समेत इंजीनियरिंग के विभिन्न विभागों के विद्यार्थी मौजूद रहे।