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प्रधान हत्याकांड में बारह दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली

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जौनपुर। सरायख्वाजा के पास हुई मखमेलपुर गांव के निवर्तमान प्रधान राजकुमार यादव की हत्या के 12 दिन बाद भी पुलिस के हाथ हत्यारों तक नहीं पहुंच सके हैं। पुलिस के इस रवैए से पीड़ित परिजनों में गुस्सा है। परिजन तेरहवीं के बाद एसपी से मिलने की तैयारी में हैं।
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मखमेलपुर के निवर्तमान ग्राम प्रधान राजकुमार यादव की 16 फरवरी को सरायख्वाजा कंपोजिट विद्यालय के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना से गुस्साए लोगोें ने शव रखकर सड़क जाम कर दिया था। मौके पर पहुंचे डीएम-एसपी ने शीघ्र ही हत्यारों की गिरफ्तारी का आश्वासन देकर जाम समाप्त कराया था। मृतक के पुत्र की तहरीर पर पुलिस ने दो नामजद और एक अज्ञात के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया है। हत्यारों की गिरफ्तारी के लिए सर्विलांस समेत पुलिस की सात टीमें गठित की गई हैं। पुलिस अभी तक इस मामले में करीब 15 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर चुकी है लेकिन हत्यारों का सुराग नहीं लग सका। पुलिस अफसरों का दावा है कि घटना के दिन से ही पुलिस की सभी टीमें दिन रात काम कर रही हैं। जल्द ही हत्यारे पुलिस की गिरफ्त में होंगे। उधर, मृतक के पुत्र अभिषेक यादव का कहना है कि हत्यारों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस अफसरों ने उन्हें भरोसा जरूर दिया था लेकिन समय बीतने के साथ यह भरोसा टूटता जा रहा है। राजकुमार की हत्या में नामजद सतीश सिंह इसके पहले लालजी यादव की हत्या में भी नामजद था, लेकिन पुलिस की न मालूम कौन सी मजबूरी है कि उसे अब तक गिरफ्तार नहीं किया जा सका। मृतक के पुत्र अभिषेक कहते हैं कि सपा प्रमुख एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव घर पर आना चाहते थे लेकिन पुलिस ने उन्हें यहां आने की अनुमति नहीं दी तो उन्होंने चकमिर्जापुर गांव में बुलवाकर परिवार के लोगों से मुलाकात की थी। उन्होंने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने का भरोसा दिया है।
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प्रधान राजकुमार हत्याकांड में सर्विलांस समेत पुलिस की सभी टीमें लगातार काम कर रही हैं। मैं खुद सभी टीमों से लगातार अपडेट ले रहा हूं। हत्यारों के बारे में अहम सुराग भी मिले हैं। बहुत जल्द हत्यारे पुलिस की गिरफ्त में होंगे। -राजकरन नय्यर, एसपी।
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