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शाही शाही पुल की दीवार पर उगे पौधे, खतरा बढ़ा

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ऐतिहासिक शाही पुल पर पौधे उग रहे हैं, जो दिन प्रतिदिन बढ़ते जा रहे हैं। ये पौधे नहीं काटे गए तो शाही पुल को खतरा उत्पन्न हो सकता है। शाही किले का निर्माण अकबर के शासनकाल में उनके आदेश पर 1564 ई में मुनइन खानखाना ने करवाया था। यह देश में अपने आप में अनूठा पुल है। इस पुल की मुख्य सड़क पृथ्वी तल पर निर्मित है। पुल की चौड़ाई 26 फीट है। इसके दोनो तरफ 2 फीट 3 इंच चौड़ी मुंडेर है। पुल पर बने दो ताखों के संधि स्थल पर गुमटियां निर्मित हैं। पुल के मध्य में चतुर्भुजाकार चबूतरे पर एक विशाल शेर की मूर्ति है, जो अगले दोनों पंजों के सहारे हाथी के पीठ पर सवार है। इसी मूर्ति के सामने पुल पर एक मस्जिद है, लेकिन जिम्मेदारों की उपेक्षा के कारण पुल की दीवार पर पीपल, पाकड़ आदि पौधे उग आए हैं, जो दिन-प्रतिदिन बढ़ते जा रहे हैं। लोक निर्माण प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता राधाकृष्ण का कहना है कि शाही पुल दुद्धी-लुंबिनी मार्ग पर है और यह मार्ग अब एनएच को स्थानांतरित कर दिया गया ई है। लिहाजा शाही पुलिस की देखभाल की भी जिम्मेदारी अब एनएच की होगी। पुल के मध्य दो पिलर के बीच दीवार टूटने की सूचना मिली थी। इससे एनएच के अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी संतोष कुमार मिश्रा ने बताया कि समय-समय पर सफाई आदि का कार्य किया जाता है। इस दौरान वहां पौधों की भी कटाई की जाती है। शीघ्र ही फिर से पुल की सफाई के दौरान पौधों की कटाई कराई जाएगी।
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