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प्लांट बंद, रोजाना 97 टन कूड़ा डंप, बदबू से लोग आजिज, बीमारियों का खतरा बढ़ा

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कुल्हनामऊ स्थित कूड़ा निस्तारण केंद्र । - फोटो : JAUNPUR
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कुल्हनामऊ में लगा सालिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट तीन माह से अधिक समय से बंद हैं। यहां, नगर पालिका प्रशासन द्वारा रोजाना 97 टन कूड़ा डंप किया जा रहा है। बदबू से परेशान लोग कह रहे हैं कि अब हम किधर जाएं। हालांकि एनजीटी के उल्लंघन को देखते हुए प्रशासन ने कार्यदायी संस्था ए टू जेड को 23 जुलाई तक प्लांट का संचालन शुरू करने मौका दिया था। लेकिन, अभी तक इसका कोई सार्थक परिणाम सामने नहीं आया है।
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2011 में बसपा शासन काल में इस सालिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट का शिलान्यास किया गया था। करीब 11 एकड़ भूमि में यह सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट 12.39 करोड़ की लागत से बनकर तैयार हुआ। प्लांट का निर्माण कार्य 2013 में शुरू हुआ। 18 मार्च 2021 को तत्कालीन नगर विकास मंत्री आशुतोष टंडन और राज्यमंत्री गिरीश चंद्र यादव ने इसका उद्घाटन किया था। जहां रोजाना शहर से निकलने वाला 97 टन कूड़ा डंप कर दिया जा रहा है। यहां तीन माह से कूड़ा डंप हो रहा है, क्योंकि सालिड वेस्ट मैनेजेंट प्लांट बंद है। इधर कूड़े में पानी लगने और धूप लगने से सड़न तेजी से बढ़ी है। इससे इस इलाके में जल प्रदूषित हो गया है, जिससे लोग कह रहे हैं कि अब हम किधर जाएं। वहीं, कारखाने के चौकीदार मो इस्लाम ने बताया कि कारखाने की लाइट चालू हो गई है, लेकिन मशीन चलाने वाले नहीं आए हैं, जिससे बंद है। तहसीलदार सदर बीते दिनों सालिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट का मौके पर निरीक्षण करने गए थे। जिन्होंने अपनी रिपोर्ट 11 जुलाई को उपजिलाधिकारी कार्यालय को उपलब्ध कराया था, जिसमें उन्होंने बताया कुल्हनामऊ में प्लांट को बंद कर देना चाहिए, क्योंकि के कारण प्रदूषण फैल रहा है। इस इलाके में जल प्रदूषित हो गया है। जिससे मनुष्यों के साथ-साथ जानवरों में भी बीमारियां फैल रही है। प्लांट इस क्षेत्र से दूर स्थापित किया जाए।
एनजीटी के नियमों का हो रहा उल्लंघन
तहसीलदार की रिपोर्ट के आधार पर एसडीएम सदर ने नगर पालिका से रिपोर्ट मांगी थी, जहां से रिपोर्ट में यह कहा गया कि प्लांट एटूजेड वेस्ट मैनेजमेंट लिमिटेड द्वारा संचालित किया जा रहा है, लेकिन फर्म द्वारा प्लांट का संचालन नहीं किया जा रहा है, जो एनजीटी के नियमों के विपरीत है। क्योंकि प्लांट बंद होने से कूडे का ढेर लगा है। आसपास के लोगों को प्रदूषण से बचाने के लिए प्लांट का अतिशीघ्र ही संचालन कराना जरूरी है। साथ ही धारा 133 सीआरपीसी के तहत कार्रवाई करने की आग्रह भी किया था। इसपर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने संबंधित संस्था को पत्र भेजकर आदेश दिया है कि वह अनिवार्य रुप से 23 जुलाई के पहले प्लांट संचालित करने को कहा है। अन्यथा की स्थिति में 23 जुलाई को कोर्ट में उपस्थित होकर कारण स्पष्ट करने को कहा है, ऐसा न करने पर वारंट जारी करने होगा। लेकिन, समय सीमा बीतने को कई दिन हो गए हैं और न प्लांट चालू किया गया और न ही ऐसी कार्रवाई की गई।
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इस कारखाने के खुलने के बाद अब यहां से आने जाने और मजबूरी में रहना पड़ रहा है। इसके प्रदूषण से पूरे इलाके में दुर्गंध फैल रही है।-अवधेश सिंह
बारिश में घर मक्खियों से भर जाता है। खाना बनाना खाना दुर्लभ हो जाता है। इस कारखाने के कारण अब रोग भी उत्पन्न होंगे, जिसपर जिम्मेदार अधिकारियों को ध्यान देना चाहिए। पूनम सिंह, पूर्व प्रधान
इसके खुल जाने से यहां की हवा दूषित हो गई हैं और कुछ दिन में यहां का पानी भी दूषित हो जा रहा है। अधिकारी आते हैं और देखकर चले जाते हैं।- बच्चन विश्वकर्मा
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संबंधित कार्यदायी संस्था को नोटिस जारी किया गया है, अगर काम नहीं शुरू होता है तो अब एफआईआर दर्ज करवाएंगे। - मनीष कुमार वर्मा, जिलाधिकारी
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