जौनपुर। सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल मुख्यमंत्री आरोग्य मेला अब अव्यवस्था की भेंट चढ़ गया है। मेले में मरीजों के इलाज में न तो अधिकारी रुचि ले रहे हैं और न ही चिकित्सक। मरीज भी इलाज के लिए आने से परहेज कर रहे हैं। कहीं दस मरीज तो कहीं 15 मरीज इलाज के लिए आ रहे हैं।
स्वास्थ्य केंद्रों में प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, लैब टेक्नीशियन और फार्मासिस्ट नहीं मिलने के कारण मरीज मेले का लाभ नहीं उठा पा रहे हैं। पीएचसी पर वैसे भी जांच को कई सुविधाएं नहीं हैं। कई केंद्रों पर प्रभारी चिकित्सक निर्धारित समय से पहले उठ जाते हैं। लैब टेक्नीशियन, फार्मासिस्ट, वार्ड ब्वाय और सफाईकर्मी के हवाले कर दिया जाता है। जबकि सुबह सुबह 10 से शाम 4 बजे तक बैठने का हैं। कहीं दो घंटे तो कहीं तीन घंटे में मेला खत्म हो जाता है।
महराजगंज : पीएचसी राजाबाजार आरोग्य मेला में सहायक लैब टेक्नीशियन रविंद्र सिंह तथा वार्डबाॅय संजय प्रजापति ने सभी 16 मरीजों का उपचार किया। पीएचसी गद्दोपुर में वार्डबाॅय शिवशार्जन प्रजापति और मंगेस सिंह के सहारे मेले 14 पुरूष और 10 महिलाओं का उपचार हुआ। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लोहिंदा में डाॅ. अजय कुमार सिंह की देखरेख में 14 मरीजों का इलाज हुआ। पूरालाल पीएचसी पर फार्मासिष्ट राकेश कुमार ने 16 मरीजों का उपचार किया।
मछलीशहर: प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जमालपुर में 18 मरीजों का इलाज डाॅ. आरके यादव ने किया। सीजनल बुखार व पेट दर्द से पीडित मरीज मेले में आए। मेले में डॉ. आरके यादव, फार्मासिस्ट धर्मेंद्र सिंह, नेत्र सहायक एचके गौतम उपस्थित रहे।