जौनपुर। जनपद में पांच साल बाद पशुओं की गणना होगी। इसके लिए पशुपालन विभाग ने नोडल, तहसील व ब्लॉक स्तरीय कुल 268 टीम बनाई है। प्रशिक्षण ले चुके विभागीय कर्मचारी गांवों में घर-घर जाकर पशुओं की गणना करेंगे। एक सितंबर से इसे शुरू करना था लेकिन किन्हीं कारणों से इन्हें कुछ दिन बाद शुरू किया जाएगा।
2019 में जिले में करीब 14 लाख 76 हजार 190 पशुओं की गणना की गई थी। इसी आधार पर पशुओं को बीमा, गला घोटू टीका सहित अन्य लाभ दिया जा रहा है। पांच साल में पशुओं की संख्या काफी बढ़ गई होगी। ऐसे में पांच साल बाद एक बार फिर पशुओं की गणना की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। हालांकि एक सितंबर से गणना शुरू होनी थी, लेकिन कुछ तैयारियां शेष रह गई, जिसकी वजह से शुरू नहीं हो सका। यह लगातार चार माह तक चलेगा।
इसके लिए उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ.संजय कुमार को नोडल अधिकारी बनाया गया है। जिले में पशु गणना के लिए 256 कर्मियों को विभाग द्वारा तैनात किया गया है। जिनकों मास्टर ट्रेनर द्वारा ट्रेनिंग भी दी जा चुकी है। गणना में गोवंश, भैंस, बकरी, भेड़, सूकर, कुत्ता, खरगोश आदि को शामिल किया गया है। गणना के माध्यम से पशुओं को टीकाकरण, जांच की शासन की ओर से निशुल्क मिलने वाली सुविधा आसानी से पशुओं को मिल सकेंगी।
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ये करेंगे गणना :-
मास्टर ट्रेंनर-5
सुपरवाइजर- 42
गणनाकर्ता- 221
टीम में शामिल कुल कार्मिक-2268
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वर्ष 2019 की पशु गणना :-
गोवंश-536940
भैंस-584454
भेड़-27321
बकरी-316793
कुक्कुट-449653
सूकर-9345
पशु गणना के लिए विभाग की ओर से तैयारियां की जा रही है। सभी तैयारियां पूर्ण कर जल्द गणना का कार्य शुरू करा दिया जाएगा। पालतू पशुओं की गिनती घर-घर जाकर की जाएगी। इसके लिए सभी को प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है। - डा.ओमप्रकाश श्रीवास्तव, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी।