पैगंबर हजरत मोहम्मद के खिलाफ हिंदू महासभा के नेता कमलेश तिवारी के आपत्ति जनक बयान से मुसलमानों में जबरदस्त नाराजगी है।
जुमा की नमाज के बाद मुस्लिम एकता कमेटी की ओर से जहांगीराबाद स्थित हुसामिया मस्जिद के सामने नमाजियों ने कमलेश तिवारी का पुतला दहन किया। मुख्यमंत्री को संबोधित पत्र जिला प्रशासन को सौंपा।
गुस्साए मुसलमानों ने कहा है कि सरकार ने भले ही त्वरित कार्रवाई करते हुए कमलेश तिवारी को गिरफ्तार कर लिया है लेकिन उनका जो जुर्म है उसकी सजा सिर्फ गिरफ्तारी से पूरी नहीं होगी।
उन्होंने पैगंबर मोहम्मद साबह के खिलाफ टिप्पणी कर के पूरी दुनिया के मुसलमानों की आस्था को गहरा ठेस पहुंचाया है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि उन्हें सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।
सीएम को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि यूपी में तमाम राजनीतिक और गैर राजनीतिक व्यक्ति ऐसे ही ऊलजुलूल बयान बाजी कर मुसलमानों की भावनाओं को आहत करने का काम कर रहे हैं।
पुतला फुंकने वालों में दिलशाद राईन, तारिक सिद्दीकी, जुबैर अंसारी, शौकत अली, मुन्ना राजा, मोहम्मद हमीद, अब्दुल ताहिर, सोनू राई, शाकिब अंसारी, एकरारा खां, दिलदार आदि रहे।
उधर जुमा की नमाज के बाद बड़ी मस्जिद के सामने भी नमाजियों ने प्रदर्शन कर कमलेश तिवारी का पुतला फूंका। वक्ताओं ने कहा कि हिंदू महासभा के नेता कमलेश तिवारी ने पैगंबर के खिलाफ बयान देकर सारी सीमाएं पार कर दी है।
यह मामला प्रदेश व देश में ही नहीं पूरे विश्व में घोर निदंा का कारण होगा। मुसलमान कहीं भी हो वह हजरत मुहम्मद सल्ललाहु अलैहि बसल्लम की शान में गुस्ताखी बर्दाश्त नहीं कर सकता है। इस अवसर पर साजिद अलीम, मौलाना आसिफ कास्मी व जाफर जाफरी आदि रहे।