चीन के मांझे के खिलाफ जागरूकता पोस्टर लांच करते नागरिक। संवाद
चीन के मांझे के खिलाफ शुक्रवार को जिले के लोग सड़क पर उतर गए। इसे लेकर लोगों ने कीलर मांझा मुक्त अभियान समिति ने शहर को पोस्टरों से पाट दिया, साथ ही जनता को जागरूक किया।
बीते दिनों 11 दिसंबर 2025 को शास्त्री ब्रिज पर अपनी बेटी को स्कूल छोड़कर लौट रहे 40 वर्षीय निजी स्कूल शिक्षक संदीप तिवारी की प्रतिबंधित मांझे की चपेट में आने से मौत हो गई थी।
इसी आक्रोश और चिंता से प्रेरित होकर “कीलर मांझा प्रतिबंध अभियान समिति” ने शहर में पोस्टर अभियान छेड़ा। लाल-पीले रंग के पोस्टरों में बड़े अक्षरों में लिखा है प्रतिबंधित मांझा- मौत का फंदा, नायलॉन धागा/प्लास्टिक धागा/सिंथेटिक मांझा पूर्ण प्रतिबंधित।
समिति के संयोजक व अधिवक्ता अतुल सिंह ने विकास तिवारी, आशीष शुक्ल, विराज ठाकुर, सुधांशु सिंह, डॉ.अब्बासी, दिव्यप्रकाश सिंह, आदि के साथ सड़क पर उतरकर चौराहों, बाजारों व सार्वजनिक स्थानों पर पोस्टर चिपकाए।