बेटी के सम्मान में शनिवार को भाजपा कार्यकर्त्ताओं ने जुलूस निकाल कर कलेक्ट्रेट की परिक्रमा करते हुए धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन मजिस्ट्रेट को सौंपा।सभा को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष सुशील कुमार उपाध्याय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बेटियों के सम्मान के लिए बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान चलाकर सभी
को जागरूक कर रहे हैं। वहीं बसपा नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी जैसे लोग बेटियों को अपमानित कर रहे हैं। ऐसे में भाजपा चुप नहीं बैठ सकती। नसीमुद्दीन सिद्दीकी को गिरफ्तार करने और बेटी के सम्मान के लिए सड़क पर संघर्ष करने के लिए कार्यकर्ता बाध्य होंगे। उन्होंने कहा की दयाशंकर सिंह की बेटी, पत्नी और मां दोषी नहीं हैं तो नसीमुद्दीन सिद्दीकी जैसे लोगों
को कोई हक नहीं बनता की उनके खिलाफ गलत बयानबाजी करें। भाजपा ने दयाशंकर सिंह के खिलाफ कार्यवाही कर नारी सम्मान का परिचय दिया है। यदि मायावती में हिम्मत हो तो वह नसीमुद्दीन सिद्दीकी को बसपा से निष्कासित करें। सांसद कृष्ण प्रताप सिंह ने कहा की बेटियों के सम्मान के लिए भाजपा संघर्षरत थी, है और आगे भी रहेगी।
प्रदर्शन में उमड़ा जनसैलाब इसका उदाहरण है। पूर्व विधायक बांकेलाल सोनकर ने कहा की दयाशंकर का बयान जरूर गलत था लेकिन वह किसी के खिलाफ नहीं था। इसके पूर्व भाजपा कार्यालय पर जिलाध्यक्ष सुशील कुमार उपाध्याय व सांसद कृष्ण प्रताप सिंह के नेतृत्व में सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ताओं ने बेटी के सम्मान में भाजपा मैदान में,
नसीमुद्दीन सिद्दीकी को गिरफ्तार करो, बेटियों की पहचान भाजपा की पहचान आदि नारे लिखे बैनर के साथ प्रदर्शन किया। संचालन महामंत्री गिरीश यादव ने किया। भाजपा के युवानेता अमित सिंह ने कहा कि प्रदेश की सपा सरकार संप्रदाय विशेष के वोट की लालच में न आकर दयाशंकर सिंह के परिवार द्वारा दर्ज कराई रिपोर्ट पर नसीमुद्दीन सिद्दीकी को
गिरफ्तार कराए। इस मौके पर विधायक सीमा द्विवेदी, पूर्व विधायक रघुराज सिंह, डा. हरेंद्र सिंह, अशोक श्रीवास्तव, विनय सिंह, राजमणि सिंह, ओम प्रकाश सिंह, अरविंद सिंह दारा, रविन्द्र नारायण सिंह, अनीता सिद्धार्थ, भईया राम पटेल, सतीश सिंह, प्रमोद यादव, दिनेश चौधरी, जिला उपाध्यक्ष जनार्दन सिंह, पंकज मिश्रा, किरण श्रीवास्तव, राम सिंह मौर्या,
पुष्पराज सिंह, संदीप तिवारी, राजेश श्रीवास्तव बच्चा भईया, गौतम गुप्ता, विकास शर्मा, पूनम विश्वकर्मा, अंजू शर्मा, रामविलास पाल, सुनील सेठ, पियूष गुप्त, मनोज दूबे, अभय राय, राजवीर दुर्गवंशी, आशीष गुप्त आदि रहे।