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साइकिल मीलों चलकर पहुंचे अपने गांव लोग

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11- छत्तीसगढ़ से 746 किमी साईकिल चलाकर अपने गांव मीरगंज क्षेत्र के रामपुर चौथार गांव में पंहुचा युवक - फोटो : JAUNPUR
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मीरगंज। लॉक डाउन ने मुश्किलें बढ़ाई तो फिर बड़े शहरों में फंसे लोगों के सामने घर वापसी के अलावा कोई विकल्प नजर नहीं आ रहा। राह की तमाम दुश्वारियों की परवाह किए बगैर वह अपनों के पास भागे चले आ रहे हैं। भूखे प्यासे रहकर कोई पैदल ही चल रहा है तो कोई सायकिल से लंबा सफर तय कर रहा है। जौनपुर जिले के ऐसे ही कई युवक सायकिल से सैकड़ों किमी की दूरी तय कर मंगलवार को घर पहुंचे हैं। परदेश की तमाम दुश्वारियों के बाद घर आए इनके चेहरे पर सुकून है कि अब हालात चाहे जैसे हों, अपनों के साथ वह उससे निपट लेंगे।
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दस दिन में तय किया 1500 किमी का सफर
मीरगंज। रामपुर खुर्द निवासी मुकेश यादव (24) व अजय यादव (25) मुंबई में काम करते हैं। लॉक डाउन में रोजगार ठप हुआ और जब जेब भी खाली होने लगी तो दोनों साइकिल से ही गांव चल पड़े। पहले दोनों एक साइकिल से नासिक तक पहुंचे लेकिन चलने में दिक्कत हो रही थो वहां एक और साइकिल खरीदी। दोनों अलग-अलग साइकिल से लगातार चलते हुए गांव पहुंच गए। मध्यप्रदेश मे पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया तो दोनों गांव के रास्ते से निकल आए। मंगलवार को मीरगंज के जंघई स्टेशन होते हुए रामपुरखुर्द गांव पहुंच गए। सूचना मिलने पर कोरोना निगरानी टीम के डॉ बीएल यादव व सन्तोष कुमार ने गांव पहुंचकर दोनों का चिकित्सकीय परीक्षण किया और फिर उन्हें 14 दिन तक होम क्वारंटीन रहने का निर्देश दिया।
साइकिल से पांच दिन में नाप दी 746 किमी की दूरी
मीरगंज। क्षेत्र का ही एक युवक पांच दिन में छत्तीसगढ़ से जौनपुर की 746 किमी दूरी नाप दी। मंगलवार को गांव पहुंचने पर उसका स्वागत फूलमाला से स्वागत किया गया। रामपुर चौथा गांव निवासी तेज बहादुर यादव (25) रायपुर में एक प्राइवेट कंपनी में फिटर का काम करता था। लॉक डाउन में काम बंद होने के बाद वह साइकिल से ही घर चल पड़ा। पांच दिन यात्रा करके वह जौनपुर पहुंच गया। वह रात में किसी ढाबे या पेट्रोल पंप पर गुजारता था। दो दिन बाद उसका घर वालों से संपर्क भी टूट गया। मोबाइल से बात नहीं होने पर परिवार के लोग चिंतित हो गए थे। मंगलवार को जब वह अपने घर पहुंचा तो घरवालों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। तेज बहादुर ने बताया कि रास्ते मे दो जगह उसका मेडिकल चेकअप भी हुआ। घर आने पर भी वह मछलीशहर सीएचसी जांच कराने पहुंचा। उसे 14 दिन के लिए होम क्वारंटीन में रखा गया है।
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मुंबई से आया युवक, ग्रामीण भयभीत
सुरेरी। बदलापुर में मुंबई से आए दो युवकों के कोरोना पॉजीटिव मिलने के बाद अन्य क्षेत्र में भी मुंबई से आने वालों को लेकर भय बना हुआ है। महाराष्ट्र के भिवंडी से एक युवक के गांव पहुंचा तो ग्रामीणों ने अफसरों को सूचित कर दिया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उसे परीक्षण के बाद होम क्वारंटीन कर दिया गया है। रामपुर ब्लाक के भानपुर निवासी एक युवक भिवंडी में प्राइवेट नौकरी करता था। लॉक डाउन के बाद वह ट्रक से प्रयागराज तक आया और वहां से करीब 130 किमी पैदल चलकर अपने गांव पहुंचा। इसकी जानकारी ग्राम प्रधान अमृत लाल सरोज ने बीडीओ राजीव सिंह व पीएचसी प्रभारी प्रभात यादव को दी। मंगलवार की शाम गांव पहुंची स्वास्थ्य टीम ने युवक के स्वास्थ की जानकारी ली। उसे घर में ही क्वारंटीन में रहने और परिवार के सदस्यों से दूर रहने की हिदायत दी गई। परिजनों ने युवक को घर से दूर पाही में क्वारंटीन कर दिया है।
बिहार और नोएडा से आए युवक, क्वारंटीन किया
मुफ्तीगंज। ब्लाक के महौड़ा गांव में दो युवक पांच दिन पूर्व नोएडा से आए हैं। सूचना पाकर सीएचसी अधीक्षक डॉ. श्रवण कुमार यादव स्वास्थ टीम के साथ गांव पहुंचे और उन्हें नेहरुनगर क्वारंटीन सेंटर भेज दिया गया। वहीं, मुरारा गांव में भी एक सप्ताह पूर्व एक युवक नोएडा और एक अन्य युवक बिहार के रक्सौल से आया है। इन्हें भी नेहरूनगर क्वारंटीन सेंटर भेज दिया गया है।
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