हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन आर्मी और लक्ष्मीबाई ब्रिगेड के कैडेटों ने बुधवार को चौरीचौरा कांड के शहीदों को दो मिनट का मौन रख श्रद्धांजलि दी। कलेक्ट्रेट स्थित क्रांति स्तंभ पर मोमबत्ती जलाकर अमर शहीदों को नमन किया।
ब्रिगेड की अध्यक्ष मंजीत कौर ने कहा कि चौरीचौरा कांड देश के नौजवानों की एक अंगड़ाई थी। उस आंदोलन में बर्तानिया हुकूमत ने क्रांतिकारियों के सिर पर से घोड़े दौड़ाए। इसमें हजारों लोग बलिदान हो गए।
घायल होने के बावजूद क्रांतिकारियों के एक हुजूम ने थाने को घेरकर फूंक दिया। इसमें अंग्रेजों के 35 सिपाही मारे गए। विडंबना यह है कि उन 35 सिपाहियों का स्मारक थाने पर बना हुआ है, लेकिन सैकड़ों शहीद क्रांतिकारियों का कचरा वहां से काफी दूर जहां गोरखपुर का कचरा बहता है, वहां बनाया गया है।
आजादी मिले 68 साल हो गए, लेकिन जनता की रहनुमाई करने वाले जिम्मेदार लोग उनके नाम और काम तक को नहीं जानते। इस मौके पर चंद्रेश मिश्र, कपिलदेव मौर्या, पीसी विश्वकर्मा, जय लाल, अजय सिंह, अनिरुद्ध सिंह, धीरज कुमार, राजाराम, नगीना, धरम सिंह, पप्पू माली आदि मौजूद रहे।