कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के बीच बुधवार को दूसरे दिन भी लोग ठिठुरते नजर आए। सुबह कांपते हुए बच्चे स्कूल पहुंचे। सुबह सात बजे ही स्कूली वाहन बच्चों को लेने पहुंच गए तो कुछ बच्चे पैदल ही स्कूल के लिए निकले। रेलवे स्टेशन व रोडवेज बस स्टेशन पर बसों के इंतजार में यात्री ठंड से ठिठुरते रहे। पछुआ हवा चलने से लोगों की परेशानी और भी बढ़ गई। अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की भीड़ कम रही। बहुत जरूरी होने पर ही लोग अस्पताल पहूुंचे। बुधवार को ओपीडी में 731 मरीज इलाज कराने के लिए पहुंचे।
बुधवार को सुबह अधिकतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान सात डिग्री सेल्सियस रहा। ठिठुरते हुए बच्चे स्कूल के लिए निकले। स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति काफी कम रही। सुबह से घना कोहरा होने के कारण सड़क पर वाहन रेंगते हुए चल रहे थे। बाजारों में भी सन्नाटा पसरा रहा। कोहरा भी इतना घना था कि सड़क पर 50 मीटर दूर भी साफ नहीं दिख रहा था। सड़क पर वाहन चालक कोहरे से बचने के लिए लाइट जलाकर चल रहे थे। तापमान में गिरावट आने से मौसम में ठंडक अधिक बढ़ गई। फिजिशियन डाॅ. अशोक कुमार यादव ने बताया कि अस्पताल में कोल्ड डायरिया, सर्दी बुखार, पेट दर्द और सांस के मरीज इलाज के लिए आए। दिनभर सूर्यदेव के दर्शन नहीं हुए। जिससे ठंड से कोई राहत नहीं मिली।