कोरोना कर्फ्यू से पहले खरीदारी को उमड़े लोग
- आटा, दाल, तेल, फल, सब्जी की हुई खरीदारी के लिए बाजारों में रही भीड़
- रात आठ बजे से शुरू हो गया प्रतिबंध, कल सुबह सात बजे तक रहेगा प्रभावी
अमर उजाला ब्यूरो
जौनपुर। संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए सरकार के 35 घंटे के कोरोना कर्फ्यू का शनिवार को बाजारों में असर दिखा। बिगड़ते हालात से डरे-सहमे लोग जरूरी सामानों की खरीदारी में जुटे रहे। सब्जी, किराना, फल आदि की दुकानों पर भीड़ रही। दुकानदारों और ग्राहकों के चेहरों पर आगामी दिनों को लेकर चिंता साफ थी। आशंकाओं से सहमे लोग दैनिक उपभोग की चीजों की खरीदारी में जुटे रहे, ताकि कोरोना कर्फ्यू के दौरान उन्हें घर से बाहर निकलने की जरूरत न पड़े।
कोरोना के एक्टिव केस ढाई हजार के करीब पहुंच चुके हैं। रोजाना नए मामले बढ़ते ही जा रहे हैं। संक्रमण की यह चेन तोड़ने के लिए सरकार ने शनिवार की रात आठ बजे से ही कोरोना कर्फ्यू का एलान किया है। इसके तहत सिर्फ आवश्यक सेवाओं से जुड़े लोगों को छोड़कर कोई भी सड़क पर आवागमन नहीं करेगा। सभी बाजार, दुकानें पूरी तरह बंद रखी जाएंगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई भी होगी। इस दौरान सैनिटाइजेशन का कार्य युद्धस्तर पर होगा। शहर में तो सामान्य दिनों में भी रविवार को साप्ताहिक बंदी रहती है। फिर भी तमाम दुकानें खुल जाती हैं। लोगों के आवागमन की भी छूट रहती है, जिससे लोग अपनी जरूरत के अनुसार सामानों की खरीदारी कर लेते हैं। ग्रामीण क्षेत्र के बाजारों में बंदी का अलग-अलग दिन है। अब सभी जगह रविवार को ही बंदी होनी है। इसकी जानकारी होने के बाद शनिवार को आटा, दाल, तेल, मसाला, सब्जी, फल आदि की खरीदारी के लिए लोग घरों से बाहर निकले। सुबह से ही इन दुकानों पर खरीद फरोख्त शुरू हो गई थी। दोपहर में कड़ी धूप के चलते कुछ देर के लिए सड़कों पर सन्नाटा पसर गया, लेकिन शाम को फिर से खरीदारों की भीड़ उमड़ पड़ी। ग्राहक और दुकानदार दोनों ही आगामी दिनों की चिंता को लेकर परेशान नजर आए।
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शनिवार और रविवार को छुट्टी के चलते अच्छी भीड़ होती है। ज्यादातर ग्राहक शात सात बजे के बाद ही निकलते हैं। कर्फ्यू के चलते अब ऐसे ग्राहकों की संख्या कम हो गई है। रविवार की छुट्टी का भी लाभ नहीं मिलेगा। पिछले वर्ष लॉक डाउन में काफी क्षति हुई थी। इस बार भी हालात नहीं सुधरे तो काफी नुकसान होगा। -आशीष उपाध्याय, रेस्टोरेंट संचालक।
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किराना सामानों की खरीदारी के लिए अन्य दिनों की अपेक्षा लोगों की भीड़ रही। दैनिक उपभोग के सामान खरीदने पर लोगों का ज्यादा जोर है। लॉक डाउन या कर्फ्यू में दुश्वारियों से हर कोई सहमा हुआ है। पिछले साल व्यवसाय में काफी नुकसान हुआ था। फिर से ऐसा हुआ तो हालात मुश्किल होंगे। -शिवकुमार, किराना दुकानदार, कोतवाली।
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अभी तो 35 घंटे का कोरोना कर्फ्यू है। आगे न जाने क्या होगा। वैसे भी जिस तरह से संक्रमण बढ़ रहा है, ऐसे में बार-बार बाहर निकलकर खरीदारी का जोखिम कौन उठाएगा। इसी के मद्देनजर जरूरी सामान खरीद रहे हैं। फल, सब्जी की खपत तो रोज की ही है। कर्फ्यू में बाहर निकलना संभव नहीं होगा। -चंदन, ग्राहक।
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कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए चेन तोड़ना जरूरी है। इसके लिए सरकार ने 35 घंटे के कर्फ्यू का एलान किया है। रविवार को वैसे भी बाजार, दफ्तर बंद रहते हैं। भीड़ भी कम होती है। एक दिन हम भी घर में रह लेेंगे। इसलिए ही सभी जरूरी सामान खरीद रहे हैं, ताकि छोटी-छोटी चीजों के लिए अनावश्यक बाहर न आना पड़े। -साहिल, ग्राहक।
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घबराएं नहीं, बस एक दिन की बंदी
जौनपुर। डीएम मनीष कुमार वर्मा ने लोगों से कोरोना कर्फ्यू को लेकर सशंकित न होने की अपील की है। उन्होंने कहा कि बंदी सिर्फ एक दिन की है। इसमें आवश्यक सेवाएं चालू रहेंगी। स्वास्थ्य, सफाई, दूध, अखबार की आपूर्ति पर असर नहीं पड़ेगा। आम लोग बिना वजह आवागमन नहीं कर सकेंगे। बंदी के दौरान अग्निशमन के वाहन लगाकर सैनिटाइजेशन का कार्य प्रमुखता से किया जाएगा। लोग घबराएं और डरे नहीं। सोमवार को सुबह सात बजे से सामान्य दिनों की तरह ही बाजार खुलेगा। सबको मास्क लगाना अनिवार्य होगा। बंदी को लेकर घबराएं नहीं। प्रशासन का सहयोग करें। संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए सबका सहयोग जरूरी है।