मनरेगा के तहत चालू वित्तीय वर्ष 2017-18 में जिले में लाखों का घोटाले का मामला सामने आया है। गुरुवार को भाजपा नेता शमशेर बहादुर सिंह ने डीएम को घोटाले से अवगत कराते हुए जांच कराए जाने की मांग किया है। उन्होंने कहा है कि अधिकारियों के भ्रष्टाचारी नीति के वजह से सरकार की किरकिरी हो रही है। डीएम ने मामले की जांच का आदेश दिया है।
मड़ियाहूं ब्लाक के मीठेपार गांव में राम निरंजन, हरिश चंद्र, अशोक, हीरावती, साहब लाल यादव, मनोहर पाल, अवधेश आदि के दरवाजे के पास नाद चन्नी एवं यूरिन टैंक बनवाने के नाम पर मजदूरी के रूप में एक लाख 29 हजार रुपये और मेटेरियल के नाम पर पांच लाख 70 हजार रुपये का भुगतान 15 मई 2017 को कर दिया गया। जबकि मौके पर कोई निर्माण नही है।
प्रभारी मंत्री रीता बहुगुणा जोशी से भाजपा नेता ने शिकायत किया तो उन्होंने सीडीओ को जांच का आदेश दिया। सीडीओ ने जांच कराने की बजाय भ्रष्टाचारियों को ही सजग कर वहां ईंट गिरवा दिया। शुक्रवार को भाजपा नेता ने सीडीओ की कार्य प्रणाली और बिना निर्माण के लाखों का भुगतान के मामले से डीएम सर्वज्ञ राम मिश्रा को अवगत कराया। डीएम ने मामले की जांच कराने का आदेश दिया है। उन्होंने कहा कि जांच के बाद प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई होगी।