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Jaunpur News: पवारा और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की अनदेखी

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पवारा। नेशनल हाईवे-31 पर मुंगराबादशाहपुर और मछलीशहर तहसील मुख्यालय के बीच स्थित पवारा बाजार विकास से अछूता है। पवारा थानाक्षेत्र में कुल 37 गांव शामिल हैं, जिनका पेशा कृषि कार्य है। बाजार हाईवे से सटा हुआ है। बाजार में लगभग 90 दुकानें हैं। व्यवसायी निखिल जायसवाल ने कहा कि बाजार की सड़कों पर कहीं भी स्ट्रीट लाइट नहीं लगी है। सिर्फ चौराहे पर जिला पंचायत की तरफ से लाइट लगवाई गई है। पवारा गांव में खेलकूद के मैदान के लिए भूमि तो आरक्षित की गई है लेकिन खेलकूद मैदान नहीं बना है। व्यवसायी विपुल तिवारी और अखिल श्रीवास्तव ने कहा कि बाजार में कोई भी बस स्टॉप न होने से बसें कहीं भी उतार देती हैं। बादशाहपुर डिपो की बसों में पवारा तक का टिकट मिल जाता है लेकिन अन्य डिपो की बसों में यात्रा करने पर मछलीशहर या बादशाहपुर तक का टिकट लेना पड़ता है। अजय विश्वकर्मा उर्फ लल्लू ने बताया कि पवारा नेशनल हाईवे से जो खड़ंजा मार्ग सहकारी समिति से होते हुए महावीर मंदिर तक गया है उस पर पैदल चलने में भी लोगों को दिक्कत हो रही है। समाजवादी पार्टी मजदूर सभा के विधानसभा अध्यक्ष कमलेश सरोज ने बताया कि पवारा-सरायबीका मार्ग 10 वर्ष पूर्व बना था। चार किलोमीटर तक मार्ग चलने योग्य नहीं है। अधिवक्ता संघ के पूर्व अध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में जगह-जगह नई पानी की टंकियों का निर्माण कराया गया है। पवारा बाजार में पानी की टंकी नहीं है। बाजार में कूड़ेदान पूरे बाजार में कहीं भी नहीं रखा गया है। कुंवरपुर मुख्य नहर से निकली सहायक नहरें, जो पवारा और आसपास के क्षेत्र में सिंचाई का मुख्य साधन हैं, किसी में पानी नहीं है।
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