करंजाकला। उमानाथ सिंह स्वशासी राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय (मेडिकल कॉलेज) के स्वास्थ्य विभाग में प्रशासनिक लापरवाही और मनमानी का एक गंभीर मामला प्रकाश में आया है। यहां वर्षों से बी ग्रेड में कार्यरत पैरामेडिकल और तकनीकी स्टाफ को अचानक चौथे ग्रेड में समायोजित करने का फरमान जारी किया गया है।
इसे लेकर रविवार को पैरामेडिकल कर्मचारियों ने आईपीडी भवन के सामने करीब पांच घंटे तक प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने राज्यमंत्री को ज्ञापन भी सौंपा। प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने बताया कि बीते शनिवार की शाम उनके वाट्सएप ग्रुप पर एक पत्र आया, जिसमें कहा गया कि अब उनकी सेवाएं चौथे ग्रेड की मानी जाएंगी।
यह पत्र उस समय आया जब सभी छुट्टी के दिन घर पर थे। इस पत्र के अनुसार सेवा जारी रखने के लिए सोमवार शाम 5 बजे तक एक शपथ पत्र जमा करना अनिवार्य कर दिया गया। पत्र में स्पष्ट कहा गया है कि जो भी कर्मचारी जिस भी पद पर कार्यरत है उन्हें उसी पद पर चौथे ग्रेड में पहले से कम वेतन पर काम करना पड़ेगा। अगर ऐसा नहीं किया गया तो उनकी सेवाएं समाप्त कर दी जाएंगी और उनका जनशक्ति पोर्टल बंद कर दिया जाएगा। रविवार की सुबह इन कर्मचारियों ने मेडिकल कॉलेज के आईपीडी भवन के सामने धरना दिया। प्रदर्शन सुबह 8 बजे से लेकर दोपहर 12 बजे तक चला। प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने बताया कि कॉलेज प्रशासन ने यह कार्रवाई न किसी आधिकारिक शासनादेश के तहत की और न ही किसी निष्पक्ष मूल्यांकन या निरीक्षण के आधार पर। इसके साथ ही कई तकनीकी कर्मियों को गैर-तकनीकी चौथे ग्रेड की सेवाओं में डालने की घोषणा कर दी गई। अचानक उन्हें सिक्योरिटी गार्ड, सफाई कर्मचारी या अर्दली जैसे पदों में समायोजित करने की धमकी दी गई। जबकि इनका मूल कार्य तकनीकी और चिकित्सा सेवा से जुड़ा हुआ है।