शिक्षकों के मूल्यांकन बहिष्कार के चलते सोमवार को जिले के किसी भी मूल्यांकन केंद्र पर कोठार का ताला नहीं खुला। शिक्षक कोठार गेट के सामने धरने पर बैठे रहे। उनका कहना था कि मूल्यांकन कार्य शुरू कराने के लिए शिक्षक नेताओं पर ऊपर से दबाव भी बनाया जा रहा है। उधर शिक्षक संगठनों ने आंदोलन को निर्णायक मोड़ पर पहुंचाने की ठान ली है।
आंदोलन के तहत सुबह 9:30 बजे बड़ी संख्या में शिक्षक टीडी इंटर कालेज में एकत्र हुए। यहां संगठन के प्रदेश मंत्री एवं संयुक्त संघर्ष मोर्चा के संयोजक रमेश सिंह की मौजूदगी में हुई बैठक में शिक्षकों ने एक बार फिर अपने संकल्प को दोहराया। निर्णय लिया कि वह न तो मूल्यांकन करेंगे और न ही किसी को करने देंगे।
यहां से सभी शिक्षक संबंधित मूल्यांकन केंद्रों पर पहुंचे और वहां कोठार गेट के सामने दरी बिछाकर धरने पर बैठ गए। टीडी कालेज में बैठक के दौरान संगठन के प्रदेश मंत्री रमेश सिंह के मोबाइल फोन पर शिक्षा निदेशक ने आंदोलन खत्म कर मूल्यांकन शुरू कराने की बात कही। बकौल सिंह उन्होंने चेतावनी दी कि अगर आंदोलन खत्म नहीं हुआ तो शिक्षक कार्रवाई के लिए तैयार रहें।
जनक कुमारी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में सुनील सिंह, टीडी इंटर कालेज में प्रेम बहादुर सिंह, बीआरपी इंटर कालेज में अतुल सिंह, सरस्वती बाल विद्या मंदिर में दिलीप सिंह, राज इंटर कालेज मे जय किशुन यादव, नगर पालिका इंटर कालेज में जय प्रकाश सिंह और शिया इंटर कालेज में राणा प्रताप सिंह के नेतृत्व में शिक्षकों ने धरना दिया।
माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष संतोष कुमार सिंह ने मूल्यांकन केंद्रों का भ्रमण कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने इस दौरान शिक्षकों से कहा कि किसी के दबाव में आने की जरूरत नहीं है। किसी भी कीमत पर कोठार का ताला नहीं खुलने देना है। उनके साथ अनिल कुमार उपाध्याय, रामाशंकर पाठक, डा. ईश्वरलाल यादव, डा. अक्षयवरनाथ द्विवेदी, वीरेंद्र श्रीवास्तव, आनंद श्रीवास्तव समरजीत सिंह आदि मौजूद थे।