कृषि उद्यान में राजकीय फल संरक्षण एंव प्रशिक्षण द्वारा बनाए गये मुरब्बों को दिखातीं पर्यवेक्षक
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जौनपुर। इत्र और इमरती की तरह ही आलू के चिप्स, पापड़, अचार और मुरब्बे जैसे उत्पाद भी जौनपुर की पहचान बनेंगे। मुख्यमंत्री की रुचि के बाद जिला प्रशासन ने इसकी कवायद शुरू कर दी है। ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट’ योजना के तहत चयनित दरी के साथ ही अब सह उत्पाद के रुप में खाद्य प्रसंस्करण और बागवानी को भी जोड़ा जा रहा है। उद्योग विभाग के माध्यम से इसका प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेज दिया गया है। सह उत्पाद के रुप में इस उद्यम के शामिल होते ही खान-पान से जुड़े हूनर को प्रदेश स्तर की पहचान मिलेगी। साथ ही घरेलू महिलाओं के आत्मनिर्भर बनने का भी रास्ता खुलेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हर जिले के किसी एक उत्पाद को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए 2017 में ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट’ योजना शुरू की थी। इसके तहत जिले में तैयार होने वाले किसी एक उत्पाद की पहचान कर उसकी बेहतरी के लिए प्रयास किया जाना था। जौनपुर से दरी उद्योग को शामिल किया गया है। भदोही से सटे मड़ियाहूं तहसील क्षेत्र के रामपुर, बरसठी, रामनगर और ब्लॉक में सैकड़ों परिवार प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रुप से इस रोजगार से जुड़े हुए हैं। मल्हनी विधानसभा उपचुनाव से ठीक पहले जनपद के दौरे पर आए मुख्यमंत्री ने जिले के इत्र और इमरती उद्योग को भी पुनर्जीवित करते हुए नई पहचान दिलाने की घोषणा की थी। सीएम की रुचि के बाद जिला प्रशासन ने इस दिशा में कवायद शुरू कर दी है। इसके तहत योजना में सह उत्पाद के रुप में खाद्य प्रसंस्करण और बागवानी को शामिल किया जा रहा है। इसमें इत्र, इमरती तो आएंगे ही, कृषि उत्पाद से तैयार होने वाले खान-पान के अन्य सामान भी जुड़ जाएंगे। इसमें चिप्स, पापड़, अचार, मुरब्बा, मसाला, प्यूरी, जेम, जेली आदि प्रमुख हैं। खास बात यह कि दरी उद्योग से सिर्फ एक तहसील क्षेत्र के लोग जुड़े हैं, जबकि सह उत्पाद से जिले के सभी क्षेत्रों के लोग शामिल हो सकेंगे। प्रशिक्षण के बाद महिलाएं घर बैठे ही अपने हूनर का इस्तेमाल कर अच्छी आमदनी अर्जित कर लेंगी। जिला उद्यम एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र के उपायुक्त एसएस रावत ने बताया कि ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट’ योजना में सह उत्पाद के रुप में खाद्य प्रसंस्करण और बागवानी को शामिल करने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। इसमें इत्र, इमरती के साथ ही कृषि उत्पाद से तैयार अन्य वस्तुएं भी शामिल होंगी। मुख्यमंत्री जी की रुचि के चलते उम्मीद है कि मंजूरी मिलने के बाद इस क्षेत्र में बेहतर संभावनाएं पैदा होंगी।