वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के पर्यावरण विज्ञान विभाग में बुधवार को विश्व ओजोन दिवस पर गोष्ठी का आयोजन किया गया। छात्रों ने वैज्ञानिक माडल और पोस्टर के माध्यम से ओजोन परत संरक्षण का संदेश दिया।
प्रश्नोत्तरी एवं भाषण प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। संकाय भवन के कांफ्रेंस हाल में आयोजित कार्यक्रम में प्रो. डीडी दूबे ने कहा कि ओजोन परत संरक्षण से ही मानव जीवन सुरक्षित रहेगा।
उद्योगों के विकास के कारण पर्यावरण के स्वरूप को बदलकर रख दिया है। उद्योगों से निकले वाली वाली गैसें हमारे ओजोन परत को सबसे अधिक नुकसान पहुंचा रही है।
अगर आने वाले समय में हम चेते नहीं तो सूर्य से निकलने वाली हानिकारक परा बैगनी किरणें पृथ्वी तक पहुंचने लगेगी। यह किरणें जीवों में आनुवांशिक रोगों का कारण बन सकती है।
उन्होंने कहा कि अपनी जरूरतों को सीमित रखते हुए अगर प्रत्येक व्यक्ति प्रकृति के प्रति प्रेम का भाव रखे तो ओजोन परत को क्षरण से बचाया जा सकता है।
विभाग के प्राध्यापक डा. कार्तिकेय शुक्ला ने कहा कि ओजोन परत पृथ्वी पर जीवन को सुरक्षित रखने में कवच का कार्य करती है। मानव स्वार्थ वश इस कवच को नष्ट करने में बड़ी भूमिका अदा कर रहा है।
कार्यक्रम संयोजक डा. विवेक पाण्डेय ने ओजोन परत से जुड़े विभिन्न कहा कि हमें ओजोन परत के साथ फ्रेन्डली उत्पादों का प्रयोग करना चाहिए।
इस मौके पर पोस्टर, माडल, वाद विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। डा. एसपी तिवारी, डा. राजेश शर्मा ने निर्णायक की भूमिका निभाई।
क्विज में दीपक यादव प्रथम, रागिनी श्रीवास्तव द्वितीय और साक्षी श्रीवास्तव एवं राहुल तृतीय स्थान मिला। पोस्टर प्रतियोगिता में दीपक प्रथम, राहुल शर्मा एवं नीरज द्वितीय स्थान प्राप्त किए।
इस अवसर पर डा. दिग्विजय सिंह राठौर, डा. अवध बिहारी सिंह, डा. सुनील कुमार, ऋषि श्रीवास्तव आदि मौजूद थे। उधर इंटर नेशनल स्कूल में प्रधानाचार्य शिबू एआर की अध्यक्षता में ओजोन परत सुरक्षा दिवस मनाया गया।
शिक्षकों ने ओजोन परत के महत्व पर प्रकाश डाला। इस मौके पर डा. सुरेश चंद्रा ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया। होली चाइल्ट एकेडमी में डा. अशोक सिंह रघुवंशी ने छत्रों को ओजोन स्तर के महत्व को बताया। इस मौके पर दिव्यांशी, आकांक्षा, आयुषी, केशव आदि मौजूद थे। प्रधानाचार्य नीलम सिंह ने आभार जताया।